सीपत धान मंडी में खरीदी सीमा घटने से किसानों में परेशान , लिमिट बढ़ाने सीपत सरपंच वंशकार ने सौंपा ज्ञापन
प्रतिदिन 1000 क्विंटल खरीदी से मंडी में संकट, कर्ज चुकाने में असमर्थ होंगे किसान — तहसीलदार ने शीघ्र समाधान का दिया आश्वासन

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। जिले की प्रमुख और बड़ी धान मंडियों में शामिल सीपत धान मंडी में धान खरीदी की सीमा कम किए जाने से क्षेत्र के किसानों में भारी चिंता का माहौल बन गया है। जहां पूर्व वर्षों में प्रतिदिन 2000 क्विंटल तक धान की खरीदी की जाती थी, वहीं इस वर्ष इसे घटाकर मात्र 1000 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया गया है। सीपत क्षेत्र का रकबा अत्यधिक होने के कारण बड़ी संख्या में किसान धान लेकर मंडी पहुंचते हैं। खरीदी सीमा कम होने से समिति द्वारा समय पर धान नहीं खरीदा जा सकेगा, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि यदि धान की खरीदी नहीं हुई तो वे कर्ज चुकाने में असमर्थ हो जाएंगे और उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। इसी गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को सीपत सरपंच श्रीमती मनीषा योगेश वंशकार ने किसानों के हित में पहल करते हुए सीपत तहसीलदार श्री सोनू अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा और तत्काल धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने की मांग की।
सरपंच श्रीमती मनीषा योगेश वंशकार ने कहा कि सीपत धान मंडी क्षेत्र की बड़ी मंडी है और यहां किसानों की संख्या भी अधिक है। प्रतिदिन केवल 1000 क्विंटल धान खरीदी से किसानों का धान नहीं बिक पाएगा। इससे किसान कर्ज में डूब जाएंगे। शासन को किसानों की स्थिति को देखते हुए तत्काल खरीदी लिमिट बढ़ानी चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए किसानों और जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि धान खरीदी सीमा से जुड़ी समस्या को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा और इसका शीघ्र समाधान निकालने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द निर्णय लेकर सीपत धान मंडी की खरीदी सीमा बढ़ाएगा, जिससे उन्हें राहत मिलेगी और वे बिना परेशानी के अपनी उपज बेच सकेंगे।


