मनखे-मनखे एक समान का संदेश ही सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी ताकत : अरविंद लहरिया
ग्राम बोहारडीह में गुरुघासीदास जयंती पर शामिल हुए अरविंद लहरिया, समाजजनों संग श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाया गया पर्व

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। महान संत, समाज सुधारक और सतनाम पंथ के प्रवर्तक संत शिरोमणि गुरु घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर अनुसूचित जाति प्रदेश कांग्रेस के संयोजक एवं मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के सुपुत्र अरविंद लहरिया आज गुरुवार को ग्राम बोहारडीह पहुँचे और आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर अरविंद लहरिया ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु घासीदास जी ने ‘मनखे-मनखे एक समान’ का जो महान संदेश दिया, वही आज के समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनका सतनाम दर्शन हमें सत्य, अहिंसा, समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। समाज को जोडऩे और भेदभाव मिटाने का कार्य गुरु घासीदास जी की शिक्षाओं से ही संभव है। उन्होंने आगे कहा कि गुरु घासीदास जी का जीवन शोषित, वंचित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने का संघर्ष रहा है, जिसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सतनाम का रास्ता केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और न्याय का मार्ग है यह संदेश उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से दिया।कार्यक्रम के दौरान गांव में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। सतनाम समाज के लोगों ने गुरु घासीदास जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की। जय सतनाम के उद्घोष के साथ पूरे ग्राम में आस्था और उत्साह का माहौल रहा।
अरविंद लहरिया ने समाजजनों से संवाद करते हुए कहा कि वे सदैव सामाजिक समरसता, शिक्षा और समान अवसर के लिए खड़े रहेंगे और गुरु घासीदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य निरंतर चलता रहेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सतनाम समाज के वरिष्ठजन, युवा, महिलाएँ एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


