बम्हनीकला प्राथमिक शाला में रंगारंग वार्षिकोत्सव , बच्चों की छत्तीसगढ़ी प्रस्तुति ने दर्शकों का जीता दिल
नन्हे कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी नृत्यों से मोहा मन, जनप्रतिनिधियों ने सराहा विद्यालय का प्रयास, विद्यार्थी हुए सम्मानित

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। संकुल केंद्र पोंडी के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बम्हनीकला में रंगारंग वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति की जीवंत झलक पेश की। आकर्षक पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने लोकनृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मचखंडा सरपंच श्रीमती इंदु देवी मरावी उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में पोड़ी जनपद सदस्य श्रीमती अनीता विजय गुप्ता, पोड़ी शैक्षिक संकुल समन्वयक रामबाबू कर्ष, उपसरपंच श्रीमती उमदेवी सरोटे, एसएमसी अध्यक्ष मिलन सिंह पुलस्त, उपाध्यक्ष काशीराम पुलस्त, सीपत कन्या संकुल प्रमोद कुमार पाण्डेय, कौवाताल प्रधानपाठक रामकिशुन सूर्यवंशी, वासुदेव साहू प्रधानपाठक बम्हनीकला, एवं मुन्नालाल पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे की आराधना के बाद हुई। शालेय वार्षिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों ने पुरस्कृत भी किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक , बढ़ता है आत्मविश्वास: सरपंच इंदु देवी मरावी
मुख्य अतिथि सरपंच श्रीमती इंदु देवी मरावी ने कहा कि विद्यालयों में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी लोकसंस्कृति से जुड़े रहते हैं।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिला तो खिल उठी लोकसंस्कृति : जनपद सदस्य अनिता विजय गुप्ता
जनपद सदस्य श्रीमती अनीता विजय गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण अंचल के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो केवल मंच और मार्गदर्शन की। इस तरह के आयोजन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।
सांस्कृतिक शिक्षा ही बच्चों के व्यक्तित्व को बनाती है समृद्ध : संकुल समन्वयक रामबाबू कर्ष
संकुल समन्वयक श्री रामबाबू कर्ष ने विद्यालय परिवार की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ साथ सांस्कृतिक गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने शिक्षकों और पालकों के संयुक्त प्रयास को इस सफलता का आधार बताया। बच्चों ने छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की मनभावन प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें ताल, लय और परंपरा का सुंदर समन्वय देखने को मिला। दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक शिक्षक श्रीमती रूपश्री गुप्ता, श्रीमती विद्या सोनी, श्रीमति कश्यप मैडम, सफाई कर्मी किशोर धुलिया, तथा गणमान्य नागरिक कमल मरावी, शंकर मरावी, श्रीमती गायत्री, डिगेश्वरी देवी, सुखबाई सहित बड़ी संख्या में। ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूरा आयोजन उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा।



