मैदान की हार नहीं, हौसलों की जीत मायने रखती है; खेल सिखाता है जीवन का असली अनुभव: मेलाराम साहू
रोमांचक फाइनल में घुटकू इलेवन ने सीपत को 7 रन से हराकर बना चैंपियन , 32 टीमों वाली प्रतियोगिता का शानदार समापन

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। सीपत महाविद्यालय मैदान में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और उत्साह से भरपूर रहा, जहां घुटकू इलेवन ने मेजबान सीपत टीम को 7 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में कुल 32 टीमों ने भाग लिया, जिससे क्षेत्र में खेल का उत्सव जैसा माहौल बना रहा। प्रतियोगिता में तृतीय स्थान फरहदा और चतुर्थ स्थान सेमरताल को प्राप्त हुआ।
फाइनल मैच के मुख्य अतिथि छग जागृति मिशन व्यापार संघ के अध्यक्ष मेलाराम साहू ने खिलाडिय़ों से परिचय प्राप्त कर टॉस कराया और मैच का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि खेल हमें जीवन का सबसे बड़ा सबक सिखाता है। हार और जीत दोनों जरूरी हैं, क्योंकि हार से अनुभव मिलता है और जीत से आत्मविश्वास। मैदान में अनुशासन, मेहनत और खेल भावना ही खिलाड़ी की असली पहचान है। सुनील आईएएस एकेडमी के संचालक सुनील निर्मलकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी प्रतियोगिताएं छिपी प्रतिभाओं को मंच देती हैं। खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करने का माध्यम भी है। सीपत में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं, बस उन्हें अवसर मिलते रहना चाहिए। विशिष्ट अतिथियों में मनोज खरे सभापति, जनपद पंचायत मस्तूरी, मनीषा योगेश वंशकार सरपंच प्रतिनिधि सीपत , सलीम विरानी अध्यक्ष, इंटक यूनियन एनटीपीसी सीपत सुनील सिंह शामिल रहे। सभी अतिथियों ने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें बेहतर खेल भावना के साथ आगे बढऩे की शुभकामनाएं दीं। पहले बल्लेबाजी करते हुए घुटकू इलेवन ने निर्धारित 10 ओवरों में 101 रन बनाए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीपत की टीम ने शानदार संघर्ष किया, लेकिन 94 रन पर सिमट गई और मुकाबला 7 रनों से हार गई। आखिरी ओवर तक चले इस मुकाबले ने दर्शकों की धडक़नें तेज कर दीं। प्रतियोगिता में मैन ऑफ द सीरीज विक्की घुटकू रेंजर सायकल 1001 नगद , फाइनल मैच में मैन ऑफ द मैच सीपत टीम के अजय पटेल को दिया गया। बेस्ट बॉलर का पुरस्कार मंथन सेमरताल, बेस्ट बेस्टमैन विक्की सीपत को दिया गया।
प्रथम पुरस्कार घुटकू को 31हजार ट्रॉफी मेलाराम साहू के द्वारा, द्वितीय पुरस्कार सीपत को 16 हजार एवं ट्रॉफी सुनिल निर्मलकर द्वारा, तृतीय पुरस्कार फरहदा को 10 हजार एवं ट्रॉफी राकेश लैहर्षण द्वारा, चतुर्थ पुरस्कार सेमरताल को 6 हजार एवं ट्रॉफी स्वर्गीय उषा देवी कौशिक की स्मृति में संदीप कौशिक के द्वारा प्रदान किया गया । प्रतियोगिता को सफल बनाने में आकाश जायसवाल, टिल्ली वर्मा,रवि कश्यप,अजय पटेल,विनोद कश्यप, विकास शर्मा, नीरज गुप्ता,श्रवण कैवर्त एवं सीपत क्रिकेट टीम के खिलाडिय़ों का योगदान सराहनीय रहा। पूरे आयोजन ने यह साबित किया कि खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम है।



