धर्म

कल मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी में 10 करोड़ श्रद्धालुओं आस्था की डुबके लगाने का अनुमान

रेलवे ने भी खास तैयारियां की

प्रयागराज। कल मौनी अमावस्या है और मौनी अमावस्या के दिन त्रिवेणी में 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आस्था की डुबकी लगाने का अनुमान है. नागा साधुओं और उसके बाद आम लोगों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। योगी प्रशासन ने महाकुंभ के इस अमृत स्नान के लिए खास तैयारियां की हैं. अखाड़े का स्नान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है. मौनी अमावस्या पर सबसे पहले निर्वाणी अनि अखाड़ा स्नान करेगा और अंत में उदासीन परंपरा के तीनों अखाड़े स्नान करेंगे. महास्नान के लिए उमडऩे वाले श्रद्धालुओं के जनसैलाब को कोई असुविधा न हो इसके लिए पूरा मेला क्षेत्र नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है. सभी श्रद्धालु पैदल संगम तक पहुंचेंगे. लगभग 12 किलोमीटर लंबा घाट एरिया तैयार हो गया है, जहां लोगों के स्नान की उत्तम व्यवस्था की गई है. लोगों को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए जा रहे हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या का स्नान काफी शुभ माना जाता है, इसलिए लाखों की तादाद में लोग संगम नगरी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं. यह दिन मौन, ध्यान और आत्मशुद्धि के लिए समर्पित होता है. यह दिन पितरों को श्रद्धांजलि देने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भी समर्पित होता है.
रेलवे ने भी खास तैयारियां की है, कई विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया है. त्रिवेणी आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए 137 स्थालों पर व्यवस्था की गई है. ज्ञात हो कि अमृत स्नान में पहले सभी अखाड़ों के नागा साधु-संत स्नान करेंगे, उसके बाद आम लोगों को आस्था की डुबकी लगाने का अवसर मिलेगा.

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