भाभी का गला घोटकर हत्या करने वाला आरोपी देवर गिरफ्तार
सीपत पुलिस व एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त टीम को मिली सफलता

– हत्या के आरोपी को ग्राम चकरभाठा के पास बांध के नीचे से किया गिरफ्तार
सीपत (हिमांशु गुप्ता)। देवर के द्वारा विधवा भाभी की गला घोंटकर हत्या के मामले में पुलिस ने सीपत पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सीपत टीआई गोपाल सतपथी से मिली जानकारी के अनुसार 7 मार्च प्रार्थी विवेक बर्मन पिता स्व. रामलाल बर्मन उम्र 14 वर्ष निवासी ग्राम खैरा डगनिया ने थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसी दिन सुबह 10.20 बजे प्रार्थी एवं उसकी बहन न्याशा बर्मन हाईस्कूल डगनिया पढऩे गया था। स्कूल से दोपहर करीब 2.30 बजे घर आया तो घर का दरवाजा बंद था। दरवाजा खोलकर अंदर गया। अंदर जाकर देखा तो उसकी मां राजकुमारी बर्मन खाट में सोई थी। उपर से कथरी ढका हुआ था लाईट बंद था। मौसी सीमा सूर्यवंशी आई और मां को जगाई तो मां नहीं उठी तब घर का लाईट जलाकर और बिस्तर को उठाकर देखा गया तब उसकी मां रामकुमारी के गले में सफेद रंग का चेकदार गमछा खाट के पाटी से बंधा हुआ था और गमछा से गला कसाया हुआ था। मां का कोई गमछा से गला घोटकर मर्डर कर दिया था। प्रार्थी की चचेरी बहन अंजली ने बताया कि उसके पापा संजय बृजवासी मुझे फोनकर बताया कि तेरी बड़ी मम्मी राजकुमारी का मर्डर कर दिया हूं और मै सुसाइड करने जा रहा हूं। उसके बाद मोबाईल बंद कर दिया है। संदेह मां का मर्डर चाचा संजय बृजवासी ने किया है कि रिपोर्ट पर थाना सीपत मे पृथक पृथक अपराध धारा 103 (1) बीएनएसएस चाक कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी संजय बृजवासी पिता स्व. दुखीराम उम्र 40 साल निवासी तेलसरा आवास पारा थाना चकरभांठा जिला बिलासपुर घटना के दिन से फरार था। जो मोबाइल को बंदकर भागने के फिराक में था। जिसे लोकल मुखबिरी से थाना सीपत एवं एसीसीयू की टीम द्वारा लगातार पतासाजी कर चकरभाठा एयरपोर्ट के पास ग्राम तेलसरा बांध के नीचे से घेराबंदी कर पकडक़र थाना में लाकर पूछताछ किया गया।
आरोपी के घटना में प्रयुक्त स्कूटी जुपीटर तथा एवं पहने हुए कपड़े को सीपत पुलिस ने जब्त कर लिया है। वही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा दिया गया है।
उक्त कार्यवाही में इनका रहा विशेष योगदान
इस संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी गोपाल सतपथी, एएसआई शिवसिंह बक्साल, प्रधान आरक्षक परमेश्वर सिंह ठाकुर, प्रफूल सिंह ठाकूर, कौशल वस्त्रकार, आरक्षक राजेंद्र साहू, प्रकाश जगत, आकाश मिश्रा, आरक्षक सतपुरन जांगड़े एवं एसीसीयू की टीम का सराहनीय योगदान रहा।



