मोदी की गारंटी पूरी नही होने पर मस्तूरी पंचायत सचिव संघ का जनपद मुख्यालय के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
शासकीयकरण करने की थी मांग

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। प्रदेश पंचायत सचिव संघ के आह्रान पर मस्तूरी जनपद के पंचायत सचिवों ने 18 मार्च को जनपद मुख्यालय के सामने मोदी की गारंटी पूर्ण न करने के कारण धरने पर बैठ गए और सरकार को अपना वादा याद दिलाने के लिए नारेबाजी भी की। उन्होंने इसके पूर्व 17 मार्च को विधानसभा घेराव कर मोदी की गारंटी के तहत शासकीयकरण की मांग की थी। सचिव संघ कहना है कि प्रदेश में साय सरकार बनने से पूर्व उन्होंने शासकीयकरण की मांग को अपने जनघोषणा पत्र में शामिल किया था और घोषणा पत्र में कहा गया कि सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर सचिवों का पूर्ण रूप से शासकीयकरण कर दिया जाएगा। लेकिन 100 दिन पूरे हो गए अभी तक प्रदेश सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत शासकीयकरण की मांग को पूरी नही की। जिसके कारण हम फिर से इन मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठने मजबूर हुए है।
मांग पूरी नही होने की स्थिति में 1 अप्रैल को मंत्रालय का भी घेराव किया जाएगा। प्रदेशभर के ग्राम पंचायत सचिवों ने शासकीयकरण की मांग को लेकर आज से हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के चलते वर्तमान सरपंचों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी योजना, नल जल योजना, टैक्स, जाति प्रमाण पत्र और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे कई सरकारी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। संघ ने बताया कि चुनाव के समय मोदी सरकार ने पंचायत सचिवों को 100 दिन के भीतर शासकीयकरण का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। इसी कारण आज से प्रदेशभर के 11,000 से अधिक पंचायत सचिवों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
सचिवों का कहना है कि अगर सरकार उनकी एकमात्र मांग पर ध्यान नहीं देती है, तो इससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। अनिश्चितकालीन हड़ताल में पंचायत सचिव संघ मस्तूरी अध्यक्ष सतीश टंडन, कैलाश पटेल, राज रात्रे, थानेश्वर सिंह ठाकुर, परमेश्वर सोनवानी, राहुल सक्सेना, कमलेश जायसवाल, रमेश पाटनवार, ललित पटेल, हेमंत पटेल, जयनारायण पाटनवार, रणजीत खांडेकर, राजेश खांडेकर, मोहित बर्मन, चमेली पटेल, सुधा चौहान सहित बड़ी संख्या में मस्तूरी जनपद के समस्त पंचायतों के सचिव उपस्थित रहे।



