
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सऊदी अरब की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए रवाना हुए। यह यात्रा सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री, महामहिम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर हो रही है।
अपने इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी भारत-सऊदी अरब के ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने के लिए चर्चा करेंगे। यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्रीय शांति, समृद्धि और स्थिरता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद से भारत और सऊदी अरब के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र के देशों के साथ संबंधों को नई दिशा दी है। उनके नेतृत्व में भारत-सऊदी संबंधों ने रणनीतिक गहराई और गति प्राप्त की है। पीएम मोदी की सऊदी अरब की यह तीसरी यात्रा है, जबकि उनसे पहले भारत के सभी प्रधानमंत्री पिछले सात दशकों में कुल मिलाकर तीन बार सऊदी अरब गए थे। यह खाड़ी क्षेत्र के किसी देश की भारतीय प्रधानमंत्री की 15वीं यात्रा भी है।
सऊदी अरब रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा, मैं जेद्दा, सऊदी अरब जा रहा हूं। वहां मेरी कई बैठकों और कार्यक्रमों में शामिल होने की योजना है। भारत सऊदी अरब के साथ अपने पुराने रिश्तों को बहुत महत्व देता है। पिछले दस सालों में हमारे आपसी संबंध बहुत तेजी से आगे बढ़े हैं। मुझे रणनीतिक साझेदारी परिषद की दूसरी बैठक में भाग लेने का इंतजार है। मैं वहां भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलूंगा।
वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में भी पीएम मोदी ने भारत और सऊदी अरब के ऐतिहासिक और गहरे संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने बयान में कहा गया कि भारत सऊदी अरब के साथ अपने लंबे और ऐतिहासिक संबंधों को बहुत महत्व देता है, जिसने हाल के वर्षों में रणनीतिक गहराई और गति प्राप्त की है। साथ मिलकर, हमने रक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी और ठोस साझेदारी विकसित की है। क्षेत्रीय शांति, समृद्धि, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए हमारी साझा रुचि और प्रतिबद्धता है। पिछले एक दशक में सऊदी अरब की मेरी यह तीसरी यात्रा होगी और ऐतिहासिक शहर जेद्दा की पहली यात्रा होगी।



