श्रोताओं की आत्मीयता और स्नेह उनके लिए बहुत अमूल्य पूंजी: मोदी
मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पिछले 12 वर्ष की दौरान रेडियो पर प्रसारित उनका मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ देश के सामान्य लोगों के परिश्रम, पराक्रम, प्रतिबद्धता, समर्पण और सेवा-भाव का गौरवगान करने का शुभ अवसर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्रोताओं की आत्मीयता और स्नेह उनके लिए बहुत अमूल्य पूंजी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में रविवार को कहा कि 12 वर्ष पहले विजयादशमी के पावन अवसर पर शुरू हुई इस यात्रा में देशवासी सहयात्री और मार्गदर्शक रहे हैं। उनके लिए यह कार्यक्रम देश के लोगों के प्रयासों को करीब से जानने और उनके योगदान को नमन करने की तीर्थ यात्रा से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि सदियों से देश में तीर्थ यात्रा की परंपरा रही है। जो लोग समाज और राष्ट्र के लिए जीते हैं, वे अपने आप में तीर्थ के स्वरूप हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के हर कोने से ऐसे अनेक लोग सामने आए हैं जिनके असाधारण कार्यों की ओर सामान्य रूप से समाज का ध्यान नहीं जाता। ‘मन की बात’ ने ऐसी अनगिनत प्रेरक कहानियों को लोगों के सामने लाने का काम किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह इस कार्यक्रम के माध्यम से देश की लोकशक्ति की आराधना करते हैं। उन्हें इसके जरिए देश के हर परिवार से जुडऩे का अवसर मिलता है। उन्हें सैकड़ों ऐसे संदेश मिलते हैं, जिनमें लोग बताते हैं कि ‘मन की बात’ सुनकर उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री उनके बीच, उनके परिवार में बैठकर परिवार के एक सदस्य की तरह उनसे संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रोताओं की आत्मीयता और स्नेह उनके लिए बहुत अमूल्य पूंजी है।



