राठौर ने बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाई: पांडेय
प्रधानपाठक की सेवानिवृत्ति पर आयोजित विदाई समारोह में नम हुईं आंखे

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जांजी के प्रधानपाठक सनत कुमार राठौर के सेवानिवृत्ति होने पर उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जांजी में सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
प्राचार्या ज्योति तिर्की व संकुल शैक्षिक समन्वयक प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि श्री राठौर ने बच्चों को सि$र्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाई। उन्होंने विद्यालय पूरे मन से सजाने संवारने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। उनसे कई शिक्षकों ने काफी कुछ सीखा है। शिक्षकों का दर्जा उस परमपिता परमेश्वर से भी ऊपर दिया गया है, जो पूरे सृष्टि को चलाते हैं। शिक्षक कभी भी रिटायर नहीं होता। विद्यालय से कार्यमुक्त होने के बाद शिक्षक जब घर जाता है, तो वहां पर परिवार और समाज की जिम्मेदारी उन शिक्षकों के ऊपर संभालनी पड़ती है।
इस दौरान संकुल केंद्र जांजी प्राचार्य श्रीमती जे तिर्की, पूर्व प्रधा पाठक जांजी (सेवानिवृत्त) एचएस क्षत्रिय , संकुल केंद्र समन्वयक जांजी टी आर कौशिक , संकुल केंद्र शैक्षिक समन्वयक प्रमोद कुमार पांडे, सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र पाटले, पंच चेतन सिंह क्षत्रिय हेमंत यादव, विजेंद्र रात्रे व श्री सीएस राजपूत , डीके दीक्षित , यूके अशफाक खान , श्रीमती स्वप्निल वर्मा, श्रीमती नीलू सिंह, भुवन प्रसाद साहू, गुलाब चंद्राकर , श्रीमती सूर्यकांता पांडेय ,श्रीमती कुसुम लता चंद्राकर, आशा उज्जैनी , विभा सोनी , कल्पना शर्मा , अमरदीप भोगल , प्रशांति खलखो, श्री भूपेंद्र सहित जांजी के सभी शिक्षकगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



