स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के हक की लड़ाई तेज़, सीपत में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान – ओवरलोडिंग के विरुद्ध होगी निर्णायक लड़ाई
ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन सीपत ने सीएम के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

10 जुलाई से दो स्थानों पर देंगे अनिश्चितकालीन धरना
ओवरलोड राखड़ गाडिय़ाँ रहेंगी निशाने पर , ट्रांसपोर्टरों ने भरी हुंकार
सीपत। एनटीपीसी सीपत एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के अधिकारों और संरक्षण को लेकर अब संघर्ष निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन सीपत ने सोमवार को अपनी चार सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में चेताया गया है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो 10 जुलाई, गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को लोडिंग में प्राथमिकता, समय पर भुगतान, उचित भाड़ा निर्धारण और ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध एवं कठोर कार्रवाई जैसी मांगे पूरी नहीं हुईं तो एनटीपीसी सीपत के मटेरियल गेट, घूमना पुल गतौरा और रांक मार्ग पर ओवरलोडिंग के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया जाएगा।

ज्ञापन में ये है मुख्य बातें
एनटीपीसी सीपत एवं ठेका प्रबंधन द्वारा स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। , भाड़ा दर में भेदभाव, भुगतान में अनावश्यक देरी से ट्रांसपोर्टरों में भारी नाराज़गी है। ट्रांसपोर्टरों ने साफ किया है कि यदि इस आंदोलन के दौरान किसी की जान जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन, ठेकेदार एवं शासन प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन की रणनीति तय
एसोसिएशन ने घोषणा की है कि गुरुवार सुबह 11 बजे से सीपत में एनटीपीसी मटेरियल गेट के सामने, तथा घूमना पुल गतौरा पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। इस दौरान बिना वजनी पर्ची (कांटा पर्ची) के चलने वाली ओवरलोड गाडिय़ों को रोका जाएगा। ट्रांसपोर्टरों ने दो टूक कहा है कि चाहे जान की बाज़ी लगानी पड़े, लेकिन वे अपने हक और सम्मान के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे ट्रांसपोर्टर प्रतिनिधि मंडल
इस दौरान ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन सीपत के अध्यक्ष शत्रुहन लास्कर, कार्यकारी अध्यक्ष रेवाशंकर साहू, महासचिव कृष्णा यादव, कोषाध्यक्ष रामवतार साहू सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर उपस्थित रहे।
एसोसिएशन की चेतावनी
न्याय मिलने तक आंदोलन नहीं रुकेगा। अब आर-पार की लड़ाई होगी। हम वर्षों से सीपत क्षेत्र के औद्योगिक ढांचे को अपने ट्रकों से गति दे रहे हैं, लेकिन हमें ही सबसे ज्यादा नुकसान और अपमान झेलना पड़ रहा है। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।
ये है ट्रांसपोर्टरों की मांगें:
प्रबंधन सीपत में स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को लोडिंग में प्राथमिकता दी जाए , समय पर पारदर्शी भुगतान प्रणाली लागू की जाए , भाड़ा दर में सुधार कर स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के हित में समान दरें तय की जाएं व ओवरलोडिंग पर पूरी तरह से रोक लगाकर, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
यह देखना अहम होगा कि सरकार और प्रबंधन इस आग की चिंगारी को बुझाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, या फिर यह जनांदोलन रूप लेकर पूरे जि़ले में परिवहन ठहराव की स्थिति पैदा कर देगा।


