कलेक्टर की फटकार का असर; सीपत-बलौदा मार्ग पर शुरू हुआ मरम्मत कार्य
जनता की उम्मीद - प्रशासन की सख्ती व मीडिया की सक्रियता से जर्जर सडक़ में होगा सुधार

खांडा, धनिया व लीलागर नदी के पास अस्थायी सुधार कार्य तेज, जनता को मिली राहत की आस
सीपत (हिमांशु गुप्ता)। जिले की बहुप्रतीक्षित सीपत-बलौदा सडक़ पर अब राहत की शुरुआत होती दिख रही है। वर्षों से बदहाल पड़ी इस सडक़ की मरम्मत की मांग आखिरकार कलेक्टर संजय अग्रवाल की सख्ती के बाद रंग लाई है।
शुक्रवार सुबह से लोक निर्माण विभाग द्वारा इस मार्ग पर अस्थायी मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। बता दें कि सीपत से लेकर कुली के लीलागर नदी तक की लगभग 14 किलोमीटर लंबी यह सडक़ भारी वाहनों के दबाव और लंबे समय से रखरखाव के अभाव में पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी। स्कूली बच्चों, व्यापारियों और दरगाह लुतरा शरीफ जाने वाले जायरीन को रोजाना जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरना पड़ रहा था। बुधवार को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान सडक़ की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता सी.एस. विंदयराज को दो टूक कहा – ‘कम से कम इतनी मरम्मत तो कर दो कि लोग चल सकें।’ इसके बाद विभाग हरकत में आया और शुक्रवार को खांडा के कोलवाशरी मोड़, धनिया के भौराडीह चौक, तथा लीलागर नदी क्षेत्र में जेसीबी व डंपर की मदद से गड्ढों की अस्थायी मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया।
जनता ने ली राहत की सांस, लेकिन अब भी कायम है संशय हालांकि स्थानीय लोगों ने मरम्मत कार्य की शुरुआत पर संतोष जताया है, लेकिन वे अब भी इस बात को लेकर सशंकित हैं कि कहीं यह सिर्फ ‘आंखों में धूल झोंकने’ की लीपापोती न साबित हो। जनता को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन की सख्ती और मीडिया की पैनी नजर से यह मुद्दा केवल अस्थायी कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीपत-बलौदा मार्ग की हालत में स्थायी सुधार देखने को मिलेगा।



