छत्तीसगढ़

खेत सूखे, किसान परेशान; जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर ने कि खूंटाघाट जलाशय से नहर में पानी छोडऩे की मांग

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। लगातार एक सप्ताह तक हुई झमाझम बारिश के बाद अब बीते चार-पाँच दिनों से मौसम ने करवट ले ली है। बारिश थमने के साथ ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों की मिट्टी सूखने लगी है और रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
ऐसी स्थिति में जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन-प्रशासन से खूंटाघाट जलाशय से नहरों में तुरंत पानी छोडऩे की मांग की है। जिपं. सदस्य राजेंद्र धीवर ने कहा कि यदि जल्द ही नहर से पानी नहीं छोड़ा गया तो बड़ी संख्या में किसान समय पर रोपा नहीं लगा पाएंगे, जिससे धान की फसल पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो क्षेत्र में खाद्यान्न संकट जैसी स्थिति बन सकती है।
उन्होंने बताया कि खूंटाघाट जलाशय में पर्याप्त जल भंडारण है और मौसम विभाग ने फिलहाल भारी बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है, ऐसे में नहरों के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। धीवर ने कहा कि यह समय ‘तुरंत निर्णय और त्वरित कार्यवाही’ का है, क्योंकि खेती की प्रत्येक दिन देरी फसल को हानि पहुंचा सकती है। स्थानीय किसान भी राजेंद्र धीवर की मांग का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। सीपत क्षेत्र समेत अन्य कई गांवों के किसानों ने बताया कि वे अब तक रोपाई नहीं कर सके हैं और खेतों की मिट्टी सूखने लगी है। किसानों की मांग है कि प्रशासन जल्द ही स्थिति का जायजा लेकर नहरों से पानी छोड़े ताकि धान की फसल की समय पर बुआई हो सके और क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके। धीवर ने प्रशासन से निवेदन किया है कि समय रहते किसानों की पीड़ा को समझें और खूंटाघाट जलाशय से पानी छोडऩे की दिशा में शीघ्र निर्णय लें।

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