एनटीपीसी सीपत के खिलाफ भूविस्थापितों की कोर कमेटी गठित
सर्वदलीय मंच ने चेताया, अब नहीं झुकेंगे, हक लेकर रहेंगे

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। एनटीपीसी सीपत प्रबंधन द्वारा भूमि अधिग्रहण के समय किए गए वादों एवं दिशा-निर्देशों की अनदेखी को लेकर क्षेत्र में आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में भूविस्थापित सर्वदलीय मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से एक कोर कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी का उद्देश्य है प्रबंधन से आठ प्रभावित गांवों के हक की लड़ाई को संगठित रूप से लडऩा और न्याय सुनिश्चित कराना।
बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि एनटीपीसी प्रबंधन ने अधिग्रहित भूमि के बदले रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सडक़ एवं स्थानीय विकास के जो वादे किए थे, वे आज भी अधूरे हैं। स्थानीय लोग बेरोजगारी से जूझ रहे हैं जबकि बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है। यही नहीं, जिनकी भूमि एक डिसमिल भी अधिग्रहित हुई है, उन्हें भी रोजगार और सम्मानजनक अवसर दिए जाने की आवश्यकता है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि एनटीपीसी प्रबंधन ने शीघ्र क्षेत्र के वृहद विकास एवं रोजगार से जुड़ी मांगों को नहीं माना, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
प्रमुख मुद्दे जिन पर समिति करेगी वार्ता
स्थानीयों को रोजगार व ठेका कार्यों में प्राथमिकता , प्रभावित गांवों के हर परिवार को मजदूरी या नौकरी का अवसर , शिक्षा, स्वास्थ्य, सडक़ व जल सुविधा का समुचित विकास , प्रभावित युवाओं के लिए प्रशिक्षण व पुनर्वास योजना ।
कोर कमेटी में शामिल प्रमुख चेहरे
इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से पूर्व विधायक इंजी. रामेश्वर खरे, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर, किसान नेता तामेश्वर कौशिक, चंद्रप्रकाश सूर्या (सभापति प्रतिनिधि), शत्रुहन लास्कर (ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष), मनोज खरे (सभापति, जनपद पंचायत मस्तूरी), विजय गुप्ता, सीपत सरपंच प्रतिनिधि योगेश वंशकार, रॉक सरपंच विक्रम प्रताप सिंह, जांजी सरपंच राजेंद्र पाटले, कर्रा सरपंच प्रतिनिधि संजय पटेल, गुड़ी सरपंच दुर्गा साहू, देवरी सरपंच रूबी, खम्हरिया सरपंच प्रतिनिधि शैलेन्द्र खांडेकर, जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू, धनिया सरपंच, दुर्गा तिवारी, कृष्ण कुमार राठौर, आशीष बांकरे, नूर मोहम्मद, माखन श्रीवास, वृंदा सूर्यवंशी, शिव यादव, हेमंत यादव, जीतेंद्र लास्कर, संजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सरपंच, पंच, उपसरपंच एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। लोगों की चेतावनी स्पष्ट है कि अब की बार अधिकार की लड़ाई आर-पार की होगी। अब देखना यह होगा कि एनटीपीसी प्रबंधन इस बढ़ते जनदबाव को कितनी गंभीरता से लेता है।


