छत्तीसगढ़

चॉकलेट-बिस्किट के बहाने मामा का हैवानियत भरा वार

8 साल का मासूम ‘मरा’ बनकर बचा, युवाओं की बहादुरी से टली बड़ी वारदात

– रिश्तों का कत्ल! झाडिय़ों में ले जाकर गर्दन व हाथ पर ताबड़तोड़ वार, घायल बच्चे ने हिम्मत दिखाकर दी मौत को मात, आरोपी मामा फरार

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। रिश्तों को शर्मसार करने वाली दिल दहला देने वाली वारदात मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम गतौरा में सामने आई। मामा ने ही 8 वर्षीय भांजे सूर्यांश बरगाह को मौत के घाट उतारने की कोशिश की। चॉकलेट-बिस्किट का लालच देकर सुनसान इलाके तक ले गया और वहां चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया। लेकिन मासूम की समझदारी और युवाओं की बहादुरी ने उसकी जान बचा ली।

कैसे घटी सनसनीखेज वारदात

जानकारी के मुताबिक, आरोपी मामा अपने भांजे सूर्यांश को मोटरसाइकिल (सीजी 10 बीबी 0506) में बैठाकर गांव से लगभग 4 किमी दूर, गतौरा रेलवे बटाही पुल के पास झाडिय़ों में ले गया। वहां उसने पहले बिस्किट खिलाया, फिर अचानक पीछे से मुंह दबाकर गर्दन पर छुरा चला दिया। इसके बाद दोनों कलाइयों, उंगली, पीठ और कमर पर भी वार किया।

मासूम का बयान

खून से लथपथ घायल सूर्यांश ने कांपती आवाज में युवाओं को बताया। मामा मुझे बिस्किट और चॉकलेट खिलाने ले गए थे। अचानक मेरा मुंह दबाया और गर्दन व हाथ में चाकू मार दिया। मैं डर गया और मरने का नाटक कियाज् तभी मेरी जान बची।

युवाओं की सूझबूझ से बची जान

घायल बच्चे की चीख सुनकर पास से गुजर रहे युवक मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शी अविनाश तिवारी ने बताया कि हम रेलवे ट्रैक की ओर जा रहे थे तभी बचाओ-बचाओ की आवाज आई। देखा तो बच्चा खून से लथपथ पड़ा था और एक आदमी बैग लेकर भाग रहा था। हमने पीछा किया लेकिन वह भाग निकला। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर बच्चे को अस्पताल पहुँचाया।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी की मोटरसाइकिल जब्त कर ली।

मस्तूरी थाना प्रभारी हरीश टांडेकर ने बताया

बच्चे का इलाज सिम्स बिलासपुर में जारी है। फिलहाल हालत सामान्य है। आरोपी की तलाश जारी है, जल्द ही गिरफ्तार कर सच्चाई सामने लाई जाएगी। इस पूरी घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। रिश्तों के नाम पर विश्वासघात की यह वारदात हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है।

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