सरकारी नौकरी सिर्फ करियर नहीं, पीढिय़ों का भविष्य बदलने का अवसर; वैदिक महाविद्यालय सीपत में सेमिनार
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी व कैरियर गाइडेंस विषय पर हुआ आयोजन, विद्यार्थियों में दिखा जबरदस्त उत्साह

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से शनिवार को वैदिक महाविद्यालय, सीपत में विजन एकेडमी द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जेवरा हायर सेकेंडरी स्कूल के संचालक कृष्णा सुनहरे, एकेडमी के शिक्षक नरेश चौधरी, शोभा कुर्रे, कॉलेज के सचिव अशोक श्रीवास सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के चेयरमेन द्वारिकेश पांडेय ने की। सेमिनार का शुभारंभ मां शारदे की आराधना, राष्ट्रगीत और संस्था शपथ के साथ हुआ। इसके पश्चात सहायक प्राध्यापक राजेंद्र क्षत्रिय ने संस्था की उपलब्धियों और शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
समय का मूल्य और शिक्षा का महत्व
अध्यक्षीय उद्बोधन में चेयरमेन द्वारिकेश पांडेय ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन की महत्ता बताते हुए कहा कि समय लौटकर कभी नहीं आता, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अध्ययन के प्रति गंभीर होना चाहिए। शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है, और सर्वांगीण विकास के लिए अनुशासन, एकाग्रता तथा लक्ष्य-निष्ठा आवश्यक है।

डिग्री से ज्यादा मायने रखता है लक्ष्य और सोच
विजन एकेडमी से पहुंचे शिक्षक नरेश चौधरी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विस्तार से मार्गदर्शन देते हुए कहा कि आज के समय में केवल डिग्री की वैल्यू नहीं रह गई है, बल्कि सफलता के लिए स्पष्ट उद्देश्य, सही सोच और लक्ष्य निर्धारण जरूरी है। किताबें जीवन की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं, जो हर परिस्थिति में साथ देती हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने माता-पिता के विश्वास पर खरा उतरें और अपने लक्ष्य को हासिल करने तक निरंतर मेहनत करें।
सही निर्णय से बदलती है पीढिय़ों की तकदीर
जेवरा गवर्मेंट स्कूल के व्याख्याता कृष्णा सुनहरे ने कहा कि जीवन में सबसे अहम है निर्णय लेने की क्षमता। यदि आप अपने फैसले स्वयं लेंगे तो रास्ते अपने आप खुलेंगे। शिक्षा का असली उद्देश्य है एक श्रेष्ठ और सफल नागरिक बनना। सरकारी नौकरी केवल व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों का भविष्य भी संवार देती है। सफलता के लिए सही मार्गदर्शन, दृढ़ निश्चय और नियमित रूटीन जरूरी है। शॉर्टकट के सहारे सफलता पाना असंभव है।
विद्यार्थियों में उत्साह
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक हिमांशु गुप्ता ने किया तथा आभार प्रदर्शन आकांक्षा भारती ने व्यक्त किया। इस दौरान कॉलेज के सभी प्राध्यापकगण सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों में गजब का उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने वक्ताओं से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।



