छत्तीसगढ़

एनटीपीसी सीपत में क्लोरीन गैस रिसाव पर मेगा मॉकड्रिल, आपदा प्रबंधन में बेमिसाल तालमेल का प्रदर्शन

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ और जिला प्रशासन की संयुक्त शक्ति, मॉकड्रिल ने बढ़ाई आपदा से निपटने की क्षमता

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। एनटीपीसी सीपत में ऑनसाइट आपातकालीन योजना के तहत जिला प्रशासन, सीआईएसएफ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के सहयोग से क्लोरीन गैस रिसाव पर मेगा मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान आपदा प्रबंधन की संपूर्ण तैयारियों का बेहतरीन प्रदर्शन हुआ और सभी एजेंसियों के बीच समन्वय ने मौके को वास्तविक आपदा जैसा बना दिया।
मॉकड्रिल की शुरुआत ब्रीफिंग बैठक से हुई, जहां जिला प्रशासन, एनटीपीसी प्रबंधन, सुरक्षा बलों और आपदा प्रबंधन टीमों को उनकी जिम्मेदारियां और भूमिकाएं स्पष्ट रूप से बताई गईं। निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए क्लोरीन गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति को बखूबी संभाला गया। अभ्यास के दौरान बचाव दलों ने तेजी से प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला, प्राथमिक उपचार दिया और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। सीआईएसएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एनटीपीसी की टीमों ने संयुक्त रूप से उत्कृष्ट समन्वय दिखाते हुए बचाव एवं राहत कार्य को अंजाम दिया।
कार्यक्रम के समापन पर कार्यकारी निदेशक श्री विजय कृष्ण पांडे ने सभी प्रतिभागी एजेंसियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मॉकड्रिल संकट प्रबंधन और आपसी सहयोग का जीवंत उदाहरण है, जिसने आपात स्थितियों से निपटने की हमारी तैयारी को और मजबूत किया है। इस अवसर पर उप कलेक्टर सुश्री रजनी भगत, सीएसपी बिलासपुर गगन कुमार एसडीआरएफ के डीआईजी एल.पी. वर्मा, आईएच एंड एस के उप निदेशक विजय सोनी, एनटीपीसी के महाप्रबंधक सुरोजीत सिन्हा व अशोक सरकार, सीआईएसएफ के डीसी श्री कपिल सुधाकर कामडी, एनडीआरएफ कमांडेंट डॉ. नवीन कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। विशेष रूप से, बिलासपुर के 8 उद्योगों के 20 प्रतिभागियों ने भी इस मॉकड्रिल का अवलोकन किया। यह मेगा मॉकड्रिल न केवल मौजूदा आपातकालीन प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता का आकलन करने में सफल रही, बल्कि यह साबित किया कि एनटीपीसी सीपत संयंत्र, कर्मचारियों और आसपास के समुदायों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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