छत्तीसगढ़

नवरात्र में आस्था का सैलाब , सीपत अंचल में बह रही भक्ति की बयार

(देवी मंदिरों व दुर्गा पंडालों में दर्शन करने उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ , गूंज रहे माता रानी के जयकारे)

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। शारदीय नवरात्र के अवसर पर क्षेत्र का माहौल भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो गया है। अंचल के विभिन्न मंदिरों में ज्योतिकलश प्रज्वलित कर माता रानी के नौ रूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। मां दुर्गा के दरबार में उमड़ी आस्था ने मंदिरों को दीपों के महासागर में बदल दिया। उच्चभ_ी स्थित शिवसतीदाई मंदिर में श्रद्धालुओं ने 664 तेल और 22 घी के ज्योतिकलश प्रज्वलित किए। वहीं, सीपत स्थित मातेश्वरी मंदिर में 114 ज्योतिकलश, आनंद चौक स्थित सिद्धेश्वरी मंदिर में 73 ज्योत, धनियां स्थित मनकेश्वरी मंदिर में 143 तेल व 10 घी के ज्योतिकलश, तथा सीपत के सेमरिया बाबा मंदिर में 124 ज्योतिकलश भक्तों द्वारा अर्पित किए गए। सुबह से ही श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक नौ स्वरूपों की आराधना कर रहे हैं।
मंत्रोच्चारण और दुर्गा सप्तशती पाठ से मंदिरों का वातावरण और भी पवित्र हो गया। शाम ढलते ही मंदिर परिसर में दीपों की जगमगाहट ने अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। भक्तों ने ज्योतिकलश प्रज्वलन के साथ माता से घर-परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। रात्रि में जगराता और भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों व भजन मंडलियों ने माता रानी की महिमा का गुणगान किया। देर रात तक जय माता दी के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा और भक्त भक्ति-सागर में डूबे नजर आए। वहीं गांव गांव में महिला समूहों के द्वारा गौरी गौरी की भी स्थापना की गई है। अंचल में चल रहे नवरात्र उत्सव ने एकता, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संदेश दिया है।

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