डिजिटल नहीं, सुपर डिजिटल युग की शुरुआत , विद्यार्थियों को तकनीक निर्माता बनाने की दिशा में बड़ा कदम: डॉ. खेर

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। शासकीय मदनलाल शुक्ल स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीपत में पीएम ऊषा की सॉफ्ट स्किल गतिविधियों के अंतर्गत इंटरनेट ऑफ थिंग्स विषय पर पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को हुआ। यह कार्यशाला 17 से 21 नवंबर 2025 तक आयोजित की जा रही है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आर. एस. खेर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पीएम ऊषा के नोडल अधिकारी डॉ. आर. एन. पटेल ने की। प्राचार्य डॉ. आर. एस. खेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का युग केवल डिजिटल नहीं, बल्कि सुपर-डिजिटल युग है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स वह तकनीक है, जो आने वाले वर्षों में उद्योग, परिवहन, स्वास्थ्य, रक्षा, कृषि और शिक्षा हर क्षेत्र को पुनर्परिभाषित करेगी। हमारा दायित्व है कि विद्यार्थियों को केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक निर्माता और नवाचार के वाहक के रूप में तैयार करें। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के भविष्य को नई ऊंचाई देने वाला निर्णायक कदम है। कार्यशाला में यूनो रोबोटिक्स टेक एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, बिलासपुर की विशेषज्ञ टीम अमन श्रीवास और सूरज निषाद द्वारा छात्रों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ वास्तविक जीवन में उपयोग होने वाले IoT उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अमन श्रीवास ने कहा कि आईओटी वह तकनीक है जो घर, ऑफिस, उद्योग से लेकर वाहन और सुरक्षा सिस्टम तक को स्मार्ट बनाती है। हमारा उद्देश्य है कि छात्र खुद स्मार्ट डिवाइस बनाना सीखें, सिर्फ उनका उपयोग नहीं। सूरज निषाद ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान छात्र सेंसर, ऑटोमेशन और वायरलेस सिस्टम की मुख्य तकनीकों को पूरी तरह समझ रहे हैं। उनकी सीखने की उत्सुकता काबिले तारीफ है। उद्घाटन दिवस पर कार्यशाला के समन्वयक भूपेंद्र देवांगन, कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग की प्राध्यापक डॉ. युक्ति कश्यप, स्वाती पाण्डेय, सुकृति नायक सहित लगभग 45 विद्यार्थी मौजूद रहे। छात्रों ने आईओटी आधारित स्मार्ट उपकरणों के संचालन और उनके निर्माण में गहरी रुचि दिखाई । महाविद्यालय परिसर तकनीक प्रधान सीखने के उत्साह से भरा रहा और विद्यार्थियों ने इसे अपने करियर निर्माण का अद्भुत अवसर बताया।


