छत्तीसगढ़

बाबा साहब की प्रतिमा से गांव को मिलेगी नई पहचान: सरपंच एनल धृतलहरे

संविधान दिवस पर दर्राभांठा में हुआ ऐतिहासिक भूमिपूजन, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय का लिया गया संकल्प

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। ग्राम पंचायत दर्राभांठा में बुधवार को संविधान दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर सरपंच एनल धृतलहरे ने समस्त जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा स्थापना हेतु भूमि पूजन कर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पंचायत की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप दिया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब के जयघोष एवं संविधान के आदर्शों के स्मरण के साथ हुई। इस दौरान पंचायत द्वारा मितानिनों को श्रीफल एवं साल भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का मनोबल और अधिक बढ़ा।

संविधान सिर्फ किताब नहीं, हमारा जीवन पथ है : धृतलहरे

सरपंच एनल धृतलहरे ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि डॉ. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने हमें ऐसा संविधान दिया, जिसने हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान दिलाया। आज उनकी प्रतिमा का भूमिपूजन हमारे ग्राम के लिए ऐतिहासिक क्षण है। यह मूर्ति आने वाली पीढिय़ों को समानता, भाईचारे और न्याय का संदेश देती रहेगी। हम संकल्प लेते हैं कि ग्राम दर्राभांठा को संविधान के मूल्यों पर चलाकर एक आदर्श पंचायत बनाएंगे, जहां हर वर्ग को न्याय और सम्मान मिले। यह केवल मूर्ति स्थापना नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की स्थापना है। कार्यक्रम में जगदीश कश्यप, सफेदलाल लक्ष्मी केशर, सोमेश्वर नवरंग, सुजान शरण, गफूर खान, हरप्रसाद भारद्वाज, मेलन श्रीवास, पृथ्वीपति, जयप्रकाश, अशोक, टीकम चंद्राकर, रमेश चंद्राकर, भुवनेश्वर पटेल, राघव रात्रे, महेंद्र दास, दीपक चंद्राकर, महेंद्र रात्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहब के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर जय भीम और संविधान जिंदाबाद के नारों से पूरा गांव गूंज उठा और वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया।

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