छत्तीसगढ़

एनएसएस शिविर के पांचवें दिन वैदिक महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जाना—कानूनी जागरूकता से लेकर जीवन में संयम व संकल्प की शक्ति तक

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। वैदिक महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा संचालित सात दिवसीय एनएसएस शिविर का पांचवां दिन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और प्रेरणा का अद्भुत संगम लेकर आया। बौद्धिक चर्चा सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में भट्ट कोचिंग क्लासेस, बिलासपुर के संचालक पूर्णेंदु भट्ट ने अपनी प्रभावी शैली में विद्यार्थियों को आधुनिक समय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
पूर्णेंदु भट्ट ने कहा कि कानून की समझ सिर्फ विवादों से बचने के लिए नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की पहली शर्त है। उन्होंने युवाओं को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनियंत्रित उपयोग किस प्रकार सोच और व्यवहार को प्रभावित करता है तथा इससे बचने के लिए विवेकपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने धार्मिक प्रवृत्तियों में सकारात्मकता बनाए रखने, लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए ठोस योजनाओं पर अमल करने, और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम में वैदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सी. आर. कैवर्त ने जीवन में संयम, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संयमित जीवनशैली और कठिन परिश्रम ही युवाओं को उत्कृष्ट व्यक्तित्व का धनी बनाती है।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी एवं अन्य शिक्षकों की उपस्थिति में आयोजित यह सत्र विद्यार्थियों के बीच अत्यंत प्रभावशाली रहा। युवाओं ने इसे अपनी सोच और भविष्य गढऩे वाला उपयोगी मार्गदर्शन बताया। इस दौरान एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर साहू, आकांक्षा भारती , रविशंकर यादव सहित समस्त शिवरार्थी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button