सुनील कोचिंग क्लासेस सीपत में टॉपर विद्यार्थियों का भव्य सम्मान, अर्धवार्षिक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन पर पालकों के सामने शील्ड-मेडल पाकर गदगद हुए बच्चे
मेहनत, अनुशासन और मार्गदर्शन का मिला सुनहरा परिणाम

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट परिणामों के लिए पहचान बना चुके सुनील कोचिंग क्लासेस सीपत में रविवार को प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। संस्था में आयोजित दसवीं एवं बारहवीं की अर्धवार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को शील्ड, मेडल एवं मार्कशीट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस गरिमामय अवसर पर विद्यार्थियों के पालक भी मंच पर मौजूद रहे। पालकों के समक्ष सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खुशी और आत्मविश्वास से खिल उठे, पूरा परिसर तालियों की गूंज से भर उठा।
अर्धवार्षिक परीक्षा पड़ाव है, मंजि़ल नहीं , निरंतर मेहनत से ही बनते हैं टॉपर : धनंजय
कार्यक्रम की शुरुआत सुनील आईएएस एकेडमी के अनुभवी शिक्षक धनंजय सर के ओजस्वी और प्रेरणादायी उद्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि अर्धवार्षिक परीक्षा केवल एक पड़ाव है, असली मंजि़ल लक्ष्य तक निरंतर मेहनत से पहुंचना है। जो विद्यार्थी आज सम्मानित हो रहे हैं, वे आने वाले समय के रोल मॉडल हैं। सही मार्गदर्शन, अनुशासन और आत्मविश्वास से कोई भी छात्र असाधारण उपलब्धि हासिल कर सकता है। उनके शब्दों ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और पालकों में भरोसा भर दिया।
सम्मान नहीं, यह भविष्य की बड़ी सफलता की नींव है : हिमांशु गुप्ता
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सीपत प्रेस क्लब के पत्रकार हिमांशु गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के ये सम्मान कल की बड़ी सफलता की नींव हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सकारात्मक सोच, संस्कार और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। सुनील कोचिंग क्लासेस बच्चों को सिर्फ अंक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और दिशा दे रही है।
हर छात्र में असीम संभावनाएं, बस पहचान की ज़रूरत : उमेश डहरिया
एकेडमी के शिक्षक उमेश डहरिया ने कहा कि हर विद्यार्थी में असीम संभावनाएं होती हैं। जरूरत है उन्हें पहचानने, तराशने और सही मंच देने की। आज जिन बच्चों को सम्मान मिला है, वे आगे भी पूरे क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
नियमित अभ्यास और समय प्रबंधन ही सफलता की चाबी : नूतन साव
शिक्षक नूतन साव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और गुरु-शिष्य का मजबूत रिश्ता ही सफलता की असली कुंजी है।

विद्यार्थियों की सफलता ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी , हर छात्र को उसकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य : सुनील निर्मलकर
सभी पालकों का आभार व्यक्त करते हुए सुनील कोचिंग क्लासेस के संचालक सुनील निर्मलकर ने कहा कि।विद्यार्थियों की सफलता ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। पालकों के विश्वास और शिक्षकों की मेहनत से आज हमारे बच्चे लगातार बेहतर कर रहे हैं। हम हर छात्र को उसकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।।उन्होंने सभी सम्मानित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उपस्थित पालकों ने भी मंच से अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सुनील कोचिंग क्लासेस में बच्चों को व्यक्तिगत ध्यान, अनुशासन और सकारात्मक माहौल मिलता है, जिससे उनके परिणाम लगातार बेहतर हो रहे हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में उपसंचालिका श्रीमती छाया निर्मलकर, हरि साहू, सहित सभी शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा। कुल मिलाकर, यह समारोह न केवल सम्मान का, बल्कि प्रेरणा, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदों का उत्सव बन गया।

