प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कोयले से गैस बनाने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी

नई दिल्ली। सूचना और प्रसारण मंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिये 37 हजार 500 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को गति देना है।
वर्तमान वैश्विक चुनौतियों और गैस आपूर्ति को लेकर पैदा हो रहे संकट के बीच मोदी सरकार ने बड़ा मास्टर स्ट्रोक चलते हुए देश के विशाल कोयला भंडार को ऊर्जा आत्मनिर्भरता का आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कोयले से गैस बनाने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी गयी। सरकार का मानना है कि अगले चार से पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर कोयले से गैस का उत्पादन शुरू होने पर भारत गैस के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेगा और उसे वर्तमान जैसी वैश्विक आपूर्ति चुनौतियों तथा आयात निर्भरता का सामना नहीं करना पड़ेगा। आज लिये गये फैसलों की जानकारी संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी।



