छत्तीसगढ़

सरस्वती सायकल योजना बनी सशक्तिकरण का पहिया , शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में बेटियाँ बढ़ रही आगे : राजेंद्र

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खम्हरिया में गुरुवार को आयोजित भव्य कार्यक्रम में सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को नि:शुल्क सायकलें वितरित की गईं। विद्यालय परिसर में उल्लास और उत्साह का माहौल देखने लायक था। कुल 79 बालिकाओं को सायकल प्रदान की गई, जिससे अब वे आसानी से विद्यालय आ-जा सकेंगी और अपनी शिक्षा यात्रा को और सुगम बना सकेंगी। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर ने कहा कि यह सायकल केवल एक साधन नहीं, बल्कि सशक्तिकरण का प्रतीक है। यह बालिकाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने की दिशा में प्रेरित करेगी। सरकार की मंशा है कि कोई भी बेटी दूरी या साधन के अभाव में अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़े। उन्होंने कहा कि आज की बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। शिक्षा ही असली पूंजी है, और यह सायकल उनकी शिक्षा यात्रा में पहिया बनकर साथ चलेगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये बेटियाँ आगे चलकर समाज व देश का गौरव बढ़ाएंगी। माता-पिता भी अपनी बेटियों को पढ़ाने में गर्व महसूस करें और उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करें, ऐसा कहते हुए धीवर ने सभी को शिक्षा के महत्व पर बल दिया।
जनपद सदस्य देवेश शर्मा ने कहा कि सरस्वती सायकल योजना उन ग्रामीण बेटियों के लिए वरदान बनकर आई है जो पहले दूरी की वजह से विद्यालय आने से हिचकिचाती थीं। अब वही बेटियाँ सपनों को सायकल की रफ्तार से उड़ान दे रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह योजना शिक्षा प्रसार और महिला सशक्तिकरण दोनों की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या शशि किरण किंडो ने कहा कि यह सायकल केवल विद्यालय आने का साधन नहीं, बल्कि स्वावलंबन और आत्मविश्वास की प्रेरणा भी है। हमारी जिम्मेदारी है कि हर बालिका को शिक्षा के साथ यह विश्वास भी दें कि वह अपने सपनों को साकार कर सकती है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का उद्देश्य बालिकाओं को ज्ञान, संस्कार और आत्मविश्वास तीनों का संगम प्रदान करना है।
कार्यक्रम का संचालन धीरेन्द्र सिंह क्षत्रिय ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षक शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर खम्हरिया सरपंच श्वेता खांडेकर, उपसरपंच बुधवारा साहू, विधायक प्रतिनिधि इसाक खान, मोहम्मद अशफाक, दीपक साहू, रमेश चौहान, मोती किशोर जायसवाल, मोहम्मद नज़ीर, शिवकुमार अग्रवाल, शिवनारायण साहू, दीपिका जायसवाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएँ और छात्राएँ उपस्थित रहीं।

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