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सांस्कृतिक कार्यक्रम उजियार हमर चिन्हारी के सामूहिक लोक नृत्य 8 को

युवाओं को छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जोडऩे सुग्घर पहल उजियार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अपनी भाषा-संस्कृति को सहेजने छत्तीसगढ़ का सडसे बड़ा कार्यक्रम उजियार हमर चिन्हारी का आयोजन 8 तारीख को टिकरापारा स्थित सिध्द श्री हरदेव लाला मंदिर में किया जा रहा है। इसमें युवाओं के लिए लोक नृत्य कार्यशाला,लोक कला प्रदर्शनी, (चित्रकला, मूर्ति कला, छत्तीसगढ़ी वेशभूषा, किताब कोठी), धान एवं बांस शिल्प कार्यशाला के माध्यम से धान व बांस कला की प्रशिक्षण दी जाएगी।नये युवा कवियों को मंच देने हमर गुरतुर गोठ ओपन माइक के साथ छत्तीसगढ़ में युवाओं के विषय में विशेष विचार-गोष्ठी होगी। इसके बाद शाम 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक सांस्कृतिक संझा सामूहिक लोकनृत्य होगा। वहीं कर्मा सुआ ददरिया और राउत नाचा सामूहिक नृत्य पर आनंद दर्शक उठा सकेंगे।
उजियार के संस्थापक नागेश वर्मा ने बताया कि युवा पीढ़ी को छत्तीसगढ़ के संस्कृति से जोडऩे के प्रयास से यह कार्यक्रम हर साल आयोजित होता है। इसमें छत्तीसगढ़ की बहुरंगी संस्कृति को उजियार के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। पिछली बार की तरह इस बार भी नए विचार और उर्जा के साथ उजियार कार्यक्रम के लिए टीम के युवा तैयारी में लगे हैं।
उजियार का पूरा कार्यक्रम 08 नवंबर को आयोजित होगा। प्रदेश भर के युवा इस कार्यक्रम को लेकर उत्साहित है और छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से युवा हर वर्ष इस कार्यक्रम में सम्मिलित होते हैं। खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के छात्र एवं छात्राओं की विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी।
इस कार्यक्रम में पहुना के रुप में डॉ वर्णिका शर्मा(अध्यक्ष छ.ग.बाल संरक्षण आयोग छत्तीसगढ़ (राज्य मंत्री), पूनम विराट तिवारी (लोक गायिका) चेतन देवांगन (वरिष्ठ पंडवानी गायक) मोहित साहू (फिल्म निर्माता) तापस चतुर्वेदी, चन्द्रपाल धनगर, बी.पी. शर्मा (समाज सेवक), रेणुका सिंह, राकेश यादव, छाया चंद्राकर , प्रमोद साहू ,नरेंद्र वर्मा (वरिष्ठ साहित्यकार) शामिल होंगे।

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