छत्तीसगढ़

सीपत में दिल दहला देने वाली घटना : शासकीय स्कूल परिसर जांजी में फेंका गया नवजात, कुत्तों ने नोचे शव के टुकड़े

गांव के आंगन में बिखरी मासूमियत!

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम जांजी से सामने आया यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि इंसानियत के चेहरे पर एक गहरी कालिख भी पोत देता है। यहां एक दिन के नवजात शिशु को इतनी निर्दयता से शासकीय हाई स्कूल परिसर में फेंक दिया गया कि उसके शव के टुकड़े गांव के अलग अलग घरों के आंगन में पड़े मिले। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह गांव के कुछ बच्चे अपने घरों के बाहर खेल रहे थे। तभी उन्होंने एक कुत्ते को किसी वस्तु को मुंह में दबाकर भागते हुए देखा। बच्चों को जब शक हुआ तो उन्होंने ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों ने कुत्ते का पीछा किया, लेकिन तब तक वह गांव के कोटवार दीपक वर्मा के घर के बाड़ी में नवजात का सिर छोडक़र भाग चुका था। कुछ ही दूरी पर, अशोक वर्मा के घर के बाड़ी में बच्चे का कमर से नीचे का हिस्सा और दोनों पैर पड़े मिले। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए। देखते ही देखते पूरे गांव में सनसनी फैल गई और मातम पसरा गया। घटना की सूचना तत्काल सीपत थाना पुलिस को दी गई।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात के शव के मिले सभी हिस्सों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में नवजात की उम्र लगभग एक दिन बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को किसने, कब और किन परिस्थितियों में शासकीय स्कूल परिसर में छोड़ा। फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच तेज़ी से जारी है। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में दहशत, आक्रोश और गहरा दुख का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी अमानवीय हरकत करने वाले लोग समाज के लिए खतरा हैं और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लोग प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर समाज से यह सवाल पूछती है कि क्या हम इतने संवेदनहीन हो चुके हैं कि एक नवजात की सांसों को भी यूं बेरहमी से कुचल दिया जाए?

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