
नई दिल्ली। लोकसभा ने हंगामे के बीच ध्वनिमत से ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ पारित कर दिया है। यह नया पेपर लीक बिल परीक्षा धोखाधड़ी को रोकने के लिए कठोर प्रावधानों के साथ लाया गया है, जिसमें 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है, साथ ही त्वरित जांच और फास्ट-ट्रैक अदालतों का प्रस्ताव है।
बुधवार को लोकसभा ने पेपर लीक रोकने वाला बिल — ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ — पास कर दिया। यह बिल ऐसे समय में पास हुआ जब निचले सदन में राहुल गांधी की अमित शाह के खिलाफ टिप्पणियों और इस आरोप को लेकर बार-बार हंगामा हो रहा था। NEET-UG पेपर लीक को लेकर हुए ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शनों के बाद पेश किए गए इस बिल को विपक्ष की तर$फ से ज़ोरदार नारेबाज़ी के बीच ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।



