छत्तीसगढ़राजधानी

वित्त मंत्री ओ पी चौधरी का बजट भाषण

रायपुर, 3 मार्च।
माननीय अध्यक्ष महोदय,
हमारे छत्तीसगढ़ के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा को व्यक्त करते हुए अपने विधानसभा में ही वर्तमान में काम करने वाले युवा प्रतिभा आशुतोष ने लिखा है –
‘कोई जो पूछे शौर्य का पर्याय,
तो तुम वीर नारायण-गुण्डाधुर की तलवार लिख देना
कोई जो पूछे समानता का पर्याय,
तो तुम गुरु घासीदास महान लिख देना
कोई जो पूछे राम-राम का पर्याय,
तो तुम छत्तीसगढ़ी में जय जोहार लिख देना, और
कोई जो पूछे चारों धाम का पर्याय
तो तुम मेरे छत्तीसगढ़ का नाम लिख देना’

अध्यक्ष महोदय,

इसी भूमि में आधुनिक भारत के सांस्कृतिक अग्रदूत स्वामी विवेकानंद जी ने कलकत्ता के बाद अपना सर्वाधिक समय व्यतीत किया था।
इसी भूमि में रामगढ़ की पहाडिय़ों में कालिदास जी ने प्रेम के प्रतीक मेघदूत की रचना की थी।
इसी भूमि में मुकुटधर पाण्डे जी ने छायावाद की पहली कविता और माधवराव सप्रे जी ने हिन्दी की पहली कहानी लिखी।
इसी माटी की माता शबरी के स्नेह एवं निश्छल प्रेम ने तीनों लोक के अधिपति श्री राम को जूठे बेर खाने में परम तृप्ति का अनुभव कराया था।
मैं अपने ऐसे छत्तीसगढ़ की माटी को प्रणाम करता हूँ। और मेरे इस महान छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ महान जनता को भी नतमस्तक होकर राम-राम करता हूँ, जय जोहार करता हूँ।
अध्यक्ष महोदय, लोकतंत्र की बुनियाद है- भरोसा। विश्वास ही लोकतंत्र का अशोक स्तम्भ है। पिछली सरकार ने लोकतंत्र के इसी विश्वास कि हत्या की थी। इसी विश्वास को चोट पहुँचाया था। छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र के समक्ष उत्पन्न इसी भरोसे के संकट से पार पाकर हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में अपने कार्यकाल के पहले साल को ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में स्थापित किया। अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने पर ‘जनादेश परब’ मनाकर जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करने की हिम्मत दिखाई।
हमारी सरकार के इन्हीं ईमानदार प्रयासों के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता-जनार्दन ने बार-बार आशीर्वाद देकर अपने अटूट विश्वास को जताया है। चाहे वह लोकसभा चुनाव का समय हो, उपचुनाव का अवसर हो या स्थानीय निकाय के चुनावों में एकतरफा मुहर लगाने की बात हो। छत्तीसगढ़ की जनता ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। 10 में से 10 नगर निगमों में एकतरफा जीत दलायी। EVM का बहाना बनाने वालों को मुहर लगाकर भी जनता ने जवाब दे दिया।
वहीं दूसरी ओर पूरे देश की जनता को भी मैं धन्यवाद देना चाहूंगा, जिन्होंने नरेंद्र मोदी जी के प्रभावशाली और सशक्त नेतृत्व को भी अपना अटूट विश्वास रुपी आशीर्वाद प्रदान किया है। श्री नरेंद्र मोदी जी ने भारतीय राजनीति में बहुप्रचलित एंटी-इनकम्बेंसी की राजनीतिक अवधारणा को पूरी तरह से धराशायी कर दिया और भारतीय राजनीति और दुनिया के लोकतांत्रिक देशों को एक नया शब्द दिया, वो है प्रो-इनकम्बेंसी। मोदी जी देश के मात्र दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीन बार शपथ लिये हैं। 2001 के बाद लगातार 24 वर्षों तक या तो वे राज्य के प्रमुख मुख्यमंत्री या राष्ट्र के प्रमुख प्रधानमंत्री के पद पर लगातार बने हुएं हैं। इसके अलावा हाल ही में हरियाणा, महाराष्ट्र एवं दिल्ली की सफलताएं मोदी जी के प्रति भारत के विभिन्न क्षेत्रों की जनता के द्वारा प्रकट किए गए अटूट विश्वास की कहानी को लगातार दोहरा रहे हैं।
इन दोनों इंजनों के बल पर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए चल रहे विकास की गाड़ी को हाल के स्थानीय चुनावों में छत्तीसगढ़ में तीसरा इंजन मिल गया है और यह गाड़ी अब और तेज गति से दौडऩे को तैयार है।
हमारे छत्तीसगढ़ के जीवन काल की दृष्टि से यह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारा राज्य अपनी रजत जयंती वर्ष मना रहा है। सन 2000 में जन्म के बाद हमारा छत्तीसगढ़ युवावस्था में पहुँच गया है। 25 वर्ष की आयु किसी व्यक्ति, संस्था या राज्य के जीवन काल में सर्वाधिक ऊर्जा का समय होता है। आज हमारे राज्य के लोगों की औसत आयु भी मात्र 24 वर्ष ही है, जो देश के लोगों की औसत आयु 28 वर्ष से भी बहुत कम है। अध्यक्ष महोदय, इन 25 वर्षों में से 15 वर्ष छत्तीसगढ़ ने आपके नेतृत्व में तीव्र प्रगति की और अब हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश को नई ऊँचाईयों तक ले जाने का काम कर रहे हैं।
हमारे राज्य का त्रष्ठक्क वर्ष 2000 में मात्र 21 हजार करोड़ रुपया था, अब हम 5 लाख करोड़ की त्रष्ठक्क को पार कर चुके हैं। प्रति व्यक्ति आय 10 हजार रुपये से बढक़र डेढ़ लाख के पास पहुँच चुका है। विश्वविद्यालयों की संख्या को हमने 4 से बढ़ाकर 25 तक पहुँचाया है।
अध्यक्ष महोदय, हमारे राज्य छत्तीसगढ़ का जब गठन हुआ था, तभी-तभी हमारा बैच 12वीं कक्षा पास होकर निकला था, मेरे एक दोस्त का राज्य की क्करूञ्ज में रैंक डबल डिजिट में था, लेकिन उसे रूक्चक्चस् की सीट तक नहीं मिल पाई थी, क्योंकि उस समय पूरे राज्य में एक ही मेेडिकल कॉलेज था। हमारी पार्टी की सरकारों के विशेष प्रयासों से अब मेेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 तक पहुंच चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्गों, राजकीय राजमार्गों और रेल लाइनों की लंबाई को भी हमने इन 25 सालों में डबल किया है। रायपुर में राज्य स्थापना के समय कुल 6 फ्लाइट ही आया करते थे, आज 76 फ्लाइट आते हैं। उस समय बस्तर सरगुजा में एयरपोर्ट की बात कोई सोच भी नहीं सकता था लेकिन मोदी जी की उड़ान योजना के कारण यह भी संभव हुआ। प्रदेश में कुल बैंक ब्रांच महज 1500 हुआ करते थे जिसे हम सब ने 6500 तक पहुँचाया है। 2 लाख शासकीय कर्मचारियों की संख्या को हमने 4 लाख तक पहुँचाया है। मात्र 5 लाख मीट्रिक टन की धान खरीदी अब 1 करोड़ 50 लाख मीट्रिक टन के पास पहुँच चुकी है। 7300 MW बिजली उत्पादन को हम सबने 18,000 MW तक पहुँचाने में सफलता पायी है, छत्तीसगढ़ पावर सरप्लस राज्य बना है। सन् 2000 में स्थापना के समय हमारी राजधानी रायपुर या पूरे राज्य में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था, आज संभवत: हमारा रायपुर ऐसा एकमात्र राजधानी शहर है, जहाँ IIM है, AIIMSहै, NIT है, IIITहै, CIPET है और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी HNLU भी है ।
अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ की यह प्रगति गाथा एक ओर मुझे हर्षित करती है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के विकास और बेहतर भविष्य की ललक मुझे संतुष्ट होने नहीं देती, बल्कि और ऊर्जा से कार्य करने हेतु प्रेरित करती है।
अध्यक्ष महोदय, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि ‘‘किसी भी राष्ट्र के जीवनकाल में एक पड़ाव आता है, जब राष्ट्र अपनी विकास यात्रा में तेजी से प्रगति कर सकता है और भारत के लिए यह अमृतकाल चल रहा है, जो भारत के इतिहास का वह कालखण्ड है, जब देश एक लम्बी छलांग लगाने जा रहा है।‘‘ मोदी जी के ही शब्दों में पुन: कंहु तो ‘‘यही समय है, सही समय है।‘‘
माननीय प्रधानमंत्री जी ने देश की स्वतंत्रता के अमृतकालञ्च2047 तक देश को विकसित करने का जो महत्वकांक्षी लक्ष्य रखा है, उसकी पूर्ति के लिए यह आवश्यक है कि छत्तीसगढ़ भी राष्ट्र निर्माण की इस पहल में बराबर का योगदान देकर माननीय प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना को सार्थक करे। यह हमारे छत्तीसगढ़ के 3 करोड़ जनता कि लिए भी उतना भी जरूरी है।
अध्यक्ष महोदय, हमने भी अपने राज्य को विकसित राज्य बनाने हेतु ‘‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047‘‘ पथ प्रदर्शक दस्तावेज बनाया है। यह विजन डाक्यूमेंट कोई कोरा सपना नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के जनता की महत्वाकांक्षाओ, आशाओं और समृद्धि को साकार करने की एक जीवंत सफर की मार्गदर्शिका है। यह केवल सरकारी तरीके से बनाया गया कोई सरकारी दस्तावेज मात्र नहीं है। हमने राज्य के सभी वर्गों से विचार विमर्श कर इसको मूर्त रूप दिया है, क्योंकि हम मानते हैं कि विकसित छत्तीसगढ़ का स्वरूप केवल सरकार तय न करे बल्कि यह जनभावनाओ से प्रेरित हो।
हमारे विजन डॉक्यूमेंट में अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक लक्ष्य एवं उनको प्राप्त करने की रणनीति शामिल है। हमारी सरकार का प्रत्येक बजट भी विजन डॉक्यूमेंट के अनुरूप ही उठाया गया कदम का एक रूप होगा।
पिछले सत्र में प्रस्तुत बजट से त्रङ्घ्रहृ के रूप में समावेशी विकास की जो नींव हमारे द्वारा रखी गई थी, आज का बजट उसी विकास की श्रृंखला का अगला पड़ाव है।
हमने पिछले बजट में त्रङ्घ्रहृ अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को केन्द्र बिंदु बनाकर योजनाओं का न केवल निर्माण किया अपितु मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में पिछले पूरे एक साल इन योजनाओं को जनता तक सांय-सांय पहुँचाया भी है।

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