छत्तीसगढ़

50 से ज्यादा महिलाएं हुई ठगी का शिकार , 7 से 8 लोन एक ही महिला के नाम ली राशि , 14 बैंकों से निकलवाई गई रकम

- पूर्व जनपद सदस्य एवं उसकी पत्नी पर भरोसा करना पोड़ी के ग्रामीणों को पड़ गया भारी

– लोगों को सुविधा दिलाने के नाम पर एक करोड़ से ज्यादा लेकर पूर्व जनपद सदस्य पत्नी समेत फरार
– सगी बहन , कोटवार भी धोखाधड़ी की हुई शिकार, टीआई ने ली गंभीरता, जांच शुरू
सीपत (हिमांशु गुप्ता)। सीपत क्षेत्र के पोड़ी गांव की 55 से अधिक महिलाओं से कांग्रेस समर्थित पूर्व जनपद सदस्य प्रमिलदास मानिकपुरी और उसकी पत्नी रंजना मानिकपुरी द्वारा एक करोड़ से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। कलेक्टर व एसपी से शिकायत के बाद सीपत पुलिस ने सोमवार की देर रात तक इन महिलाओं का बयान दर्ज करती रही। वही मामला उजागर होने के बाद पति पत्नी फरार हो गए हैं। महिलाओं के अनुसार रंजना मानिकपुरी ने जनसुविधा उपलब्ध कराने महिलाओं को समिति बनाने की बात कही। इसके बाद सभी महिलाओं के खातों से लोन निकलवाया गया। महिलाओं को ठगी का पता तब चला जब बैंकों के अधिकारी उनसे लोन की रिकवरी लेने के लिए उनके घर पहुंचे। सोमवार 17 मार्च को पोड़ी गांव की 55 से अधिक महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंची उन्होंने कलेक्टर अवनीश शरण के साथ ही पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन सौंपा। अपने पत्र में उन्होंने बताया कि उनके गांव का पूर्व सरपंच प्रमिलदास मानिकपुरी पिछले कार्यकाल (वर्ष 2020 से 2025) में जनपद सदस्य निर्वाचित हुआ था। भरोसेमंद जनप्रतिनिधि की छवि का फायदा उठाकर वह और उसकी पत्नी रंजना उनके पास पहुंचे थे इस दौरान उन्होंने कहा कि सीसी रोड , नाली , सड$क , पानी और बोरखनन जैसे विकास कार्य कराए जाएंगे इसके लिए बैंकों से लोन लेना पड़ेगा , ऐसे में महिलाओं को समिति बनाने की बात कही। उनसे खाता खुलवाकर आवश्यक दस्तावेज ले लिए तब दोनों ने उनसे कहा कि वह उनके नाम से लोन निकाल पाएंगे और कर्ज की राशि वही जमा करेंगे। भरोसे में लेकर 55 से अधिक महिलाओं के नाम से विभिन्न 14 बैंकों से अलग अलग कई लोन ले लिए गए। कुल रकम एक करोड रुपए से भी अधिक है। महिलाओं को उनके साथ हुई धोखाधड़ी का पता तब चला जब उनके पास रिकवरी के लिए बैंकों के अधिकारी पहुंचे तब महिलाएं सदमे में आ गई।

मामले को लेकर सीपत टीआई गोपाल सतपथी ने ली गंभीरता , साक्ष्य के आधार पर जांच शुरू

अभी तक ग्राम पोड़ी से 55 महिलाओं ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन दिए है। जिसमे पूर्व जनपद सदस्य व उसकी पत्नी ने विकास कार्यों के नाम पर ग्रामीणों को समिति बनाकर लोन निकलवाया। महिलाओं के बयान के आधार पर जांच किया जा रहा है। 15 नए बैंकों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा अन्य साक्ष्य भी संकलित किए जा रहे है। इस आधार पर लगातार जांच जारी है।

फर्जी लोन की साजिश, गरीबों के नाम पर लाखों का घोटाला…!

ग्राम पोड़ी निवासी प्रमिलदास मानिकपुरी उसकी पत्नी रंजना मानिकपुरी ने महिलाओं को इंदिरा आवास योजना का लाभ दिलाने और गांव में विकास कार्यों के नाम पर लोन लेने के लिए तैयार किया। फिर उनके नाम से फर्जी तरीके से कई बैंकों से लोन लिया गया।

महिलाओं की आपबीती- अब कहां जाएं, किडनी बेचने या जहर खाने को मजबूर!

न्याय की गुहार लगाने कलेक्ट्रेट पहुंची मीनाबाई धीवर ने कहना है कि मेरे नाम पर तीन लोन निकाले गए- 1 लाख, 45 हजार और 40 हजार। अब मैं इन्हें चुकाने में असमर्थ हूं। बैंक वाले लगातार दबाव बना रहे हैं। वहीं शीला मानिकपुरी ने कहां कि मेरे नाम पर 5 लोन निकाले गए- 1 लाख, 70 हजार, 50 हजार, 15 हजार। अब बैंक वाले धमका रहे हैं। गांव की 400 महिलाएं इस ठगी का शिकार हो चुकी हैं। वहीं दीप मानिकपुरी ने कहा कि मेरे नाम से 55 हजार और 40 हजार का लोन लिया गया। अब बैंक के अधिकारी गाली-गलौज कर रहे हैं और कह रहे हैं कि किडनी बेचो या जहर खा लो। साथ ही ठगी के शिकार गौतराम साहू ने बताया कि मेरे खेत के दस्तावेजों पर 1.5 लाख का लोन लिया गया और कागजात भी हड़प लिए गए। अब बैंक वाले लगातार धमका रहे हैं।

बैंकों के अधिकारी दे रहे धमकी

ग्राम पोड़ी की महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि जब रिकवरी के लिए बैंकों के अधिकारी उनके पास पहुंचे तब उन्हें इतनी मात्रा में उनके नाम से लोन लिए जाने का पता चला शुरुआत में उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पूर्व जनपद सदस्य वह उनकी पत्नी ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी की है बाद में आए दिन बैंकों के अधिकारी उन्हें धमकियां देने लगे तब उन्हें मामलों की गंभीरता का पता चला उनका कहना है कि पूर्व जनपद सदस्य एवं उसकी पत्नी पर भरोसा करना उन्हें भारी पड़ गया।

इन बैंकों ने दिया कर्ज

भारत फाइनेंस बैंक , बंधन बैंक , पहल बैंक , ग्राम शक्ति बैंक , माथुर बैंक , एसबीसीएल बैंक , जाना बैंक , यूनिटी बैंक , आईडीएफसी बैंक, प्रगति बैंक , फ्यूजन बैंक , एक्सिस बैंक , सूर्य देव बैंक , उत्कर्ष बैंक।

कलेक्टर ने की अपील- शासकीय योजना के नाम पर रकम मांगे तो तत्काल करें शिकायत।

मामला सामने आने के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने आमजन से अपील की है कि उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर शासकीय योजना का लाभ दिलाने या फिर पानी बिजली नाली सड$क बोरवेल वह अन्य शासकीय योजना के नाम पर रकम की बात मांग करें तो उसके खिलाफ तत्काल शिकायत करें चाहे वह कोई भी हो सभी से प्रशासन यह अपील करता है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए शासन की ओर से राशि स्वीकृत होती है रकम की मांग की जाए तो इसकी शिकायत करें न कि उन्हें रकम दें।

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