दूध न केवल पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण स्तंभ : डहरिया
पहले दिन 11 किसानों से 196 लीटर दूध का किया गया संग्रहण , झलमला दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति का शुभारंभ

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। रविवार 1 जून को सीपत में विश्व दुग्ध दिवस का पशुधन विकास विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध सहकारी महासंघ मर्यादित देवभोग के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजन किया गया।


उक्त कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पूजा अर्चना एवं झलमला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के शुभारंभ के साथ किया गया। इस अवसर पर पशुधन विकास विभाग से संयुक्त संचालक डॉ. जीएस एस तंवर, अतिरिक्त उप संचालक डॉ. टी डी सरजाल, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशवंत डहरिया, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्रीमती झूमारानी वैष्णव तथा छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध सहकारी संघ मर्यादित कोनी देवभोग से श्री रामेश्वर ठाकुर उपस्थित रहे। साथ ही झलमला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर साहू, उपाध्यक्ष राजाराम साहू, सचिव श्रीमती वसुंधरा साहू, सीपत प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रदीप पांडेय, आशुतोष गुप्ता दुग्ध उत्पादक पशुपालक, ग्रामवासी एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में रामेश्वर ठाकुर के द्वारा विश्व दुग्ध दिवस के आयोजन एवं दुग्ध की उपयोगिता के संबंध में पशुपालकों एवं उपस्थित नागरिकों को जानकारी दी गई द्य डॉ यशवंत डहरिया विकासखंड प्रभारी के द्वारा उन्नत पशुपालन के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि दूध न केवल पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण स्तंभ है, जहां करोड़ों किसान परिवार अपनी आजीविका के लिए इस उद्योग पर निर्भर हैं। डॉ. टीडी सरजाल अतिरिक्त संचालक के द्वारा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं एनएलएम योजना अंतर्गत पशुधन बीमा की जानकारी प्रदान की गई। मुख्य अतिथि एवं संयुक्त संचालक डॉक्टर तंवर के द्वारा उपस्थित पशुपालकों एवं ग्राम वासियों को विभाग की विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराते हुए अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए आग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान झलमला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के 11 सदस्यों के द्वारा 196 लीटर दूध प्रदाय किया गया जिसका सैंपल लेकर दुग्ध संकलन पश्चात दुग्ध शीत केंद्र कोनी हेतु रवाना किया गया द्य।कार्यक्रम को सफल बनाने में आर के साहू उपाध्यक्ष का अत्यधिक सहयोग रहा एवं कार्यक्रम के अंत में उनके द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।


