जनता के भरोसे को निभाना मेरी पहली प्राथमिकता , विकास का हर पत्थर जनता के नाम : राजेंद्र धीवर
ग्राम कर्रा में लगभग 13 लाख की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का भूमिपूजन

जिपं.सदस्य राजेंद्र धीवर बोले, ‘गांव की समृद्धि ही असली राजनीति की जीत
सीपत (हिमांशु गुप्ता)। ग्राम कर्रा में मंगलवार को विकास की नई इबारत लिखी गई। यहाँ जिला पंचायत सदस्य श्री राजेंद्र धीवर के मुख्य आतिथ्य में लगभग 13 लाख रुपए की लागत से बनने वाली शासकीय उचित मूल्य की दुकान के निर्माण कार्य का भूमिपूजन विधिवत रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और भूमिपूजन के साथ पूरे माहौल में उत्साह और विकास की भावना झलकती रही। मंच से संबोधित करते हुए राजेंद्र धीवर ने कहा कि गांव का विकास ही मेरा संकल्प है। जब तक हर गांव की गली में विकास की रोशनी नहीं पहुंचेगी, तब तक मेरी जिम्मेदारी अधूरी है। यह उचित मूल्य की दुकान केवल एक इमारत नहीं, बल्कि ग्राम कर्रा की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। शासन की हर योजना का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, और मेरा लक्ष्य है कि कोई भी गांव योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने आगे कहा कि गांव की प्रगति ही असली राजनीति की जीत है। हमें मिलकर ऐसा समाज बनाना है जहां हर गरीब को सुविधा, हर किसान को सम्मान और हर युवा को अवसर मिले। उनके इन जोशिले और संवेदनशील शब्दों पर पूरा जनसमूह तालियों से गूंज उठा।
भूमिपूजन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती देवी बिंझवार, सीपत भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अभिलेश यादव, सरपंच श्रीमती जयंती संजय पटेल, विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मी साहू, उपसरपंच रिंकू शर्मा, पूर्व सरपंच विश्वनाथ बिंझवार, टीकाराम श्रीवास, पंच चमेली साहू, रामबाई, शैलेन्द्र साहू, सत्यनारायण बिंझवार, कन्हैया बिंझवार, रामेश्वर धीवर, सचिव राकेश डोंगरे, रोजगार सहायक नीलोत्तम साहू, श्रीमती गायत्री पटेल, रामकुमार बिंझवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर राजेंद्र धीवर ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव का हर विकास कार्य जनता की भागीदारी से ही संभव है। आपकी सहयोग भावना ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यह दुकान गांव के लोगों के लिए सुविधा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगी। उनके उद्बोधन के साथ ही कार्यक्रम का समापन जयकारों और तालियों की गूंज के बीच हुआ।



