छत्तीसगढ़

पर्वतारोही निशा यादव ने फहराया पराक्रम, माइनस 15 डिग्री तापमान में फतेह किया माउंट यूनम का शिखर

बर्फबारी के बीच 6,111 मीटर ऊंचे माउंट यूनम पर चार सदस्यीय दल की अल्पाइन चढ़ाई, बिना किसी पोर्टर या सपोर्ट टीम के दिखाया अदम्य साहस

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। हिमांचल प्रदेश के लाहौल जिले की सबसे ऊँची पर्वत चोटी माउंट यूनम (6,111 मीटर / 20,100 फीट) पर होनहार पर्वतारोही निशा यादव ने अपने साथियों के साथ सफलतापूर्वक फतह हासिल की है। यह अभियान पूरी तरह अल्पाइन क्लाइंबिंग तकनीक से पूरा किया गया, जिसमें बिना किसी पोर्टर या किचन स्टाफ की मदद के पर्वतारोही टीम ने हर जिम्मेदारी खुद संभाली। इस रोमांचक अभियान की शुरुआत मनाली से हुई, जहाँ से टीम ने पहला कैंप केलांग में स्थापित किया। ऊँचाई के अनुकूलन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए दूसरा कैंप भरतपुर में लगाया गया — जो इस अभियान का बेस कैंप भी था, जिसकी ऊँचाई करीब 4,800 मीटर थी।
बीते दिनों हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बर्फबारी ने अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। सामान्यत: क्लाइंबिंग टीम शिखर पर चढ़ाई से पहले एडवांस कैंप स्थापित करती है, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण निशा यादव की टीम ने सीधे बेस कैंप भरतपुर से ही 13 अक्टूबर की रात 12 बजे शिखर आरोहण की शुरुआत की। पूरे रूट पर गिरी ताज़ा बर्फ ने मोरेन को पूरी तरह ढक दिया था, जिससे टीम को रास्ता खुद बनाते हुए आगे बढऩा पड़ा। शिखर के करीब पहुंचते ही घने सफेद कोहरे ने चारों ओर का दृश्य ढँक लिया। उस वक्त तापमान माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, पर निशा यादव और उनकी टीम ने हार नहीं मानी। अंतत: कठिन परिस्थितियों को मात देते हुए उन्होंने सफलता का झंडा फहराया।
निशा यादव ने बताया कि यह सिर्फ एक पर्वतारोहण नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और इच्छाशक्ति की परीक्षा थी। बिना किसी बाहरी सहायता के टीमवर्क के दम पर हमने यह असंभव सा लक्ष्य हासिल किया। इस अभियान में कुल चार पर्वतारोहियों की टीम शामिल थी। माउंट यूनम को फतह करना किसी भी पर्वतारोही के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है और निशा यादव का यह पराक्रम न केवल क्षेत्र, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गया है।

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