देश / विदेश

इंडिगो संकट के बीच दूसरी कंपनियों ने बढ़ाए दाम, किराया 50 हजार के पार

नई दिल्ली। इंडिगो के परिचालन संकट ने देश के हवाई यातायात को अस्त व्यस्त कर दिया है। लाखों यात्री फंसे हुए हैं, उड़ानें रद्द हो रही हैं और इसी बीच कई एयरलाइंस ने किराए में तेज बढ़ोतरी कर दी है। हालत यह है कि दिल्ली से हैदराबाद का किराया शनिवार को कई बुकिंग प्लेटफॉर्म पर 36 हजार से ऊपर पहुंच गया, जबकि कुछ रूट पर यह 50 हजार के पार दिखा।
पांच दिनों में इंडिगो 2500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर चुकी है। सीटें कम होने का फायदा उठाकर एयरलाइंस ने किराए बढ़ा दिए। यात्रियों की मजबूरी का यह फायदा सरकार की नजर में देर से आया। चार दिन की चुप्पी के बाद शनिवार को सरकार ने एयरलाइंस को चेताया कि ज्यादा किराया वसूलने पर कार्रवाई की जाएगी।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पायलटों की थकान को कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों में बदलाव किए थे। इसे दो चरणों में लागू किया गया। पहले फेज में क्रू के लिए साप्ताहिक आराम की अवधि बढ़ाई गई थी और हर हफ्ते 48 घंटे का साप्ताहिक आराम जरूरी किया गया। दूसरे चरण में ‘रेड आई’ उड़ानों यानी देर रात की उड़ानों के लिए क्रू के इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए। इनके तहत पायलटों को सिर्फ 2 नाइट लैंडिंग की इजाजत दी गई, जबकि पहले पायलट 6 लैंडिंग तक करते थे। संकट को देखते हुए सरकार ने नियमों को लागू करने में फिलहाल छूट दे दी है। जिसके बाद अगले कुछ दिनों में इंडिगो का परिचालन सामान्य होने की उम्मीद है।
इस बीच, पायलटों के संगठन, एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन इंडिया ने डीजीसीए द्वारा इंडिगो को राहत देने पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा है कि इस छूट ने न सिफऱ् रेगुलेटरी बराबरी को खत्म होगी बल्कि लाखों यात्रियों को भी खतरे में डाला गया है।
शनिवार को भी 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। दिल्ली में 106, मुंबई में 109, पुणे में 42, हैदराबाद में 69, अहमदाबाद में 19 और तिरुवनंतपुरम में 6 उड़ानें रद्द रहीं। शुक्रवार को इंडिगो की देशभर में 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई थीं।

Related Articles

Back to top button