छत्तीसगढ़

पीएम-ऊषा योजना के तहत मदनलाल शुक्ला पीजी कॉलेज, सीपत के छात्रों का केंद्रीय रेशम बोर्ड शैक्षणिक भ्रमण

कला के विद्यार्थियों ने जाना रेशम उद्योग का विज्ञान , रेशम उत्पादन की वैज्ञानिक प्रक्रिया से रूबरू हुए विद्यार्थी

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। उच्च शिक्षा को व्यवहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से लागू पीएम–ऊषा मद के अंतर्गत शासकीय मदनलाल शुक्ला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीपत के कला संकाय के स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने केंद्रीय रेशम बोर्ड का शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को रेशम उत्पादन, रेशम कीट पालन, कोकून प्रोसेसिंग, धागा निर्माण तथा रेशम उद्योग से जुड़ी वैज्ञानिक एवं औद्योगिक प्रक्रियाओं की प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

उत्पादन से विपणन तक मिली संपूर्ण जानकारी

अध्ययन भ्रमण के दौरान रेशम बोर्ड के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को रेशम कीट पालन की आधुनिक तकनीक, कोकून से धागा निर्माण की प्रक्रिया तथा रेशम उत्पादों के विपणन एवं आर्थिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और उद्योग आधारित प्रक्रियाओं को नजदीक से समझा।

प्राध्यापकों का मार्गदर्शन बना प्रेरणा

इस शैक्षणिक भ्रमण में महाविद्यालय की डॉ. श्वेता पंड्या (सहायक प्राध्यापक, अंग्रेज़ी) , डॉ. हेमपुष्पा नायक (सहायक प्राध्यापक, हिंदी), विमल तिवारी, दीपेश जोशी एवं धनंजय टंडन उपस्थित रहे और विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. श्वेता पंड्या ने कहा कि कक्षा में पढ़ाया गया सिद्धांत जब व्यवहार से जुड़ता है, तभी विद्यार्थी वास्तविक सीख प्राप्त करते हैं। ऐसे अध्ययन भ्रमण उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं। डॉ. हेमपुष्पा नायक ने कहा कि रेशम उद्योग जैसे पारंपरिक और वैज्ञानिक क्षेत्र की जानकारी विद्यार्थियों को बहुआयामी करियर विकल्पों से जोड़ती है। विमल तिवारी ने कहा कि पीएम–ऊषा योजना के अंतर्गत इस तरह के भ्रमण विद्यार्थियों को उद्योग आधारित कौशल से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कला संकाय के छात्र-छात्राओं ने भ्रमण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और शैक्षणिक भ्रमण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया।

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