एनटीपीसी सीपत की एमजीआर रेल लाइन पर ठेका श्रमिक की सिर कटी लाश से हडक़ंप , भडक़े परिजनों ने जनप्रतिनिधियों के साथ किया ऊर्जा भवन का घेराव
- चार मांगों पर बनी सहमति , हत्या या आत्महत्या के लिए जनपद सदस्य रेवाशंकर की अगुवाई में जनप्रतिनिधियों ने सीएसपी से की उच्च स्तरीय जांच की मांग

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। एनटीपीसी सीपत की एमजीआर रेल लाइन पर बुधवार देर रात करीब 11 बजे ठेका श्रमिक की सिर कटी लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान ग्राम देवरी निवासी 38 वर्षीय सुरेश कुमार वस्त्रकार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ टीम मौके पर पहुंची और तुरंत पुलिस को खबर दी। पुलिस ने पंचनामा कर शव को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां पोस्टमॉर्टम कराया गया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होने की बात कही जा रही है, लेकिन परिजन और जनप्रतिनिधि इसे संदिग्ध मौत मान रहे हैं। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन बड़ी संख्या में ऊर्जा भवन पहुंचे। जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू, सरपंच प्रतिनिधि योगेश वंशकार, नरेंद्र वस्त्रकार, राजेंद्र पाटले, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर सहित जनप्रतिनिधियों ने न्याय, मुआवजे और नौकरी की मांग पर जोरदार विरोध किया। इसी दौरान मौके पर सीएसपी निमितेश सिंह, तहसीलदार सोनू अग्रवाल, तथा एनटीपीसी प्रबंधन के अधिकारी पहुँचे।।मामले को गंभीरता से लेते हुए एनटीपीसी तथा ठेका कंपनी के अधिकारियों ने परिजनों से चर्चा की।

एचआर डीजीएम शैलेश चौहान, जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती एवं क्वेस कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कंपनी की ओर से पचास हजार की तत्काल आर्थिक सहायता दी गई। इसके अतिरिक्त पचास हजार की अनुग्रह राशि देने पर सहमति बनी। परिजन के एक सदस्य को 3 महीने के भीतर ठेका कंपनी में काम देने का आश्वासन दिया गया। साथ ही पीएफ व ईएसआई के सभी दावों का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर का कहना है कि यह घटना अत्यंत दुखद एवं संदिग्ध है। रेल लाइन पर इस तरह सिर कटा शव मिलना कई सवाल खड़े करता है। हम मांग करते हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। परिवार को उचित मुआवजा और स्थायी रोजगार दिया जाना चाहिए, ताकि उनके जीवनयापन पर असर न पड़े। जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू का कहना है कि परिजन मान रहे हैं कि यह सिर्फ हादसा या आत्महत्या नहीं, बल्कि गहरी जांच का विषय है। इसलिए हमने सीएसपी से एक कोर कमेटी बनाकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिजन तब तक संतुष्ट नहीं होंगे, जब तक घटना का वास्तविक कारण सामने न आए। प्रबंधन को भी चाहिए कि परिवार को अधिक से अधिक सहयोग दे और आने वाले दिनों में इस तरह की घटना की पुनरावृति न हो। प्रवीण रंजन भारती, जनसंपर्क अधिकारी एनटीपीसी ने बताया कि।मौके की स्थिति और प्रारंभिक तथ्यों को देखते हुए घटना आत्महत्या जैसी प्रतीत होती है, लेकिन वास्तविक कारण पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा। कंपनी की ओर से मृतक के परिवार को तत्काल सहायता प्रदान की गई है और आगे भी समुचित सहयोग दिया जाएगा। सीएसपी निमितेश सिंह ने कहा कि मामला अत्यंत संवेदनशील है। सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अगर आवश्यक हुआ तो विशेष जांच टीम गठित की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने की उच्चस्तरीय जांच की औपचारिक मांग
पोस्टमॉर्टम के बाद जनप्रतिनिधियों ने जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू के नेतृत्व में सामूहिक रूप से सीएसपी से उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह मामला हत्या है या आत्महत्या—सच्चाई सामने आना जरूरी है।



