छत्तीसगढ़

तवांग तीर्थ यात्रा संघर्ष की धरोहर है… तिब्बत की आज़ादी तक भारत का समर्थन अडिग रहेगा : दिलेन्द्र कौशिल

भारत-तिब्बत सहयोग मंच ने मनाया 14वें दलाई लामा का जन्मदिवस, चीन की विस्तारवादी नीति और तिब्बत की सामरिक अहमियत पर हुआ गहन मंथन

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। भारत-तिब्बत सहयोग मंच द्वारा 10 दिसंबर को 14वें दलाई लामा का जन्मदिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में दलाई लामा को मिले नोबेल शांति पुरस्कार का उल्लेख करते हुए उनके करुणा, शांति और मानवता के संदेश को याद किया गया। साथ ही यह भी रेखांकित किया गया कि सामरिक दृष्टि से तिब्बत भारत की सुरक्षा के लिए कितनी महत्वपूर्ण ढाल है।

भारत-तिब्बत संबंध सदियों से अविभाज्य : गणेशराम जी

मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक गणेश राम जी ने कहा कि भारत और तिब्बत का संबंध राजनीतिक नहीं, बल्कि हजारों वर्षों पुराना सांस्कृतिक रिश्ता है। उन्होंने बताया कि भगवान शंकर का निवास कैलाश मानसरोवर तिब्बत में स्थित है, जो दोनों सभ्यताओं के बीच आध्यात्मिक सेतु है। उन्होंने चीन की विस्तारवादी मानसिकता पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि चीन ने तिब्बत पर अवैध कब्ज़ा कर विश्व शांति को चुनौती दी है। पर 1 लाख 20 हजार तिब्बती शरणार्थी भारत की भूमि पर सुरक्षित हैं… और 140 करोड़ भारतीय हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं।

1962 के विश्वासघात को याद किया : डॉ. विनोद तिवारी

आईएमए अध्यक्ष डॉ. विनोद तिवारी ने कहा कि जब भारत पंचशील और ‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ पर विश्वास कर रहा था, उसी समय चीन ने धोखे से 1962 में हमला कर पीठ में छुरा घोंपा। उन्होंने जोर देकर कहा कि तिब्बत की आज़ादी सिर्फ तिब्बत का नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा का सवाल है।

तवांग तीर्थ यात्रा संघर्ष का ज्वलंत इतिहास : दिलेन्द्र कौशिल

प्रदेश महामंत्री दिलेन्द्र कौशिल ने मंच के उद्देश्यों को बताते हुए कहा कि मंच सिर्फ संगठन नहीं, बल्कि तिब्बत की स्वतंत्रता और भारत की सुरक्षा के लिए चल रहा जन आंदोलन है। उन्होंने कहा कि तवांग तीर्थ यात्रा सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, यह संघर्ष की धरोहर है। इस वर्ष देश के 19 राज्यों से 300 से अधिक यात्रियों ने अपने खर्च पर यात्रा कर 1962 के युद्धस्थलों को नजदीक से देखा… और जाना कि किस विकट परिस्थिति में हमारी सेना ने हिंदुस्तान की रक्षा की थी। उन्होंने बताया कि मंच हर वर्ष इस यात्रा का आयोजन इसलिए करता है ताकि नई पीढ़ी को चीन के षड्यंत्र, तिब्बत की पीड़ा और भारत की सामरिक जरूरतों का वास्तविक ज्ञान मिल सके।

तवांग यात्रा में शामिल बिलासपुर के यात्रियों का सम्मान

कार्यक्रम में बिलासपुर से तवांग यात्रा में शामिल हुए यात्रियों को सम्मानित किया गया। मंच ने उन्हें भारत तिब्बत सांस्कृतिक बंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा जागरूकता के प्रेरक वाहक बताया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित

कार्यक्रम में मुख्य रूप से महेंद्र जैन, राजू अग्रवाल, पेमा जी, के. साईं बाबा, राजीव नयन शर्मा, युवा विभाग अध्यक्ष शुभम शेंडे, युवा महामंत्री विवेक यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन मंच के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने किया।

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