इतिहास अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा: मोदी
नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में बोले पीएम मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। इस कार्यक्रम का आयोजन ऐसे समय में किया जा रहा है जब सरकार ने आगामी 16-18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम के गायन के साथ हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोलते हुए और महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, ‘’ देश की विकास यात्रा के अहम पड़ावों के बीच भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक निर्णय लेने जा रहा है। यह फैसला नारी शक्ति को और नारी शक्ति वंदन को समर्पित है। हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। यह इतिहास अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।’’
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘’यह एक ऐसे समतामूलक भारत के निर्माण का संकल्प है, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ नारा नहीं हो। लेकिन हमारी कार्यसंस्कृति, हमारी निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हो। राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय 16, 17 और 18 अप्रैल है।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘’2023 में नई संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में प्रथम कदम उठाया था। वह समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे, इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है। आज इस कार्यक्रम के जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं-बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।’’



