ऑटोचालक की बेटी निशा का मेलाराम ने किया आत्मीय सम्मान, बोले- अब आर्थिक जिम्मेदारी मेरी
मेलाराम साहू का संकल्प; समाज की इस होनहार बेटी के हर अभियान में रहेंगे साथ

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। जिला बिलासपुर की बेटी और अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोही निशा यादव आज पूरे प्रदेश का गौरव बन चुकी हैं। साधारण परिवार में जन्मी और ऑटोचालक पिता श्याम कार्तिक यादव की पुत्री निशा ने अपने हौसले और जज्बे से एक-एक करके वह ऊंचाइयां छू लीं, जिनकी कल्पना करना भी कठिन है।
संघर्ष से सफलता की ऊंचाई तक
साल 2021 में निशा ने उत्तराखंड के नैनीताल स्थित नैना पीक (8,500 फीट) की चढ़ाई कर अपने साहसिक सफर की शुरुआत की। इसके अगले ही वर्ष 2022 में उन्होंने केदारकांठा ट्रेक (12,500 फीट) को फतह करते हुए 280 फीट का भव्य तिरंगा लहराकर एक अनोखा रिकॉर्ड कायम किया। साल 2023 में उन्होंने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स , अरुणाचल प्रदेश से एक महीने का बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स (बीएमसी) पूरा किया। 2024 में एनटीपीसी के सौजन्य से यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रस (18,510 फीट, रूस) पर सफलता पूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा और एनटीपीसी का ध्वज लहराया। इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए 2025 के फरवरी माह में, छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री के सहयोग से उन्होंने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (19,341 फीट) पर भारतीय ध्वज फहराकर नया इतिहास रचा। अब निशा का अगला लक्ष्य हिमाचल प्रदेश की यूनम पीक (20,050 फीट) है, जहां वे भारत और अपने जिले का नाम रोशन करना चाहती हैं।
मेलाराम साहू का संकल्प
मंगलवार को छग व्यापार जागृति मिशन संघ के अध्यक्ष मेलाराम साहू के विशेष निवेदन पर सीपत पहुंची अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही निशा यादव का मेलाराम साहू ने अपने पूरे परिवार के साथ निशा यादव का अपने निवास में पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया और कहा कि निशा जैसी बेटियां ही हमारे समाज की सच्ची धरोहर हैं। ऑटोचालक की बेटी होते हुए भी उन्होंने अपने जज्बे और परिश्रम से देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम ऊंचा किया है। अब मैं वचन देता हूं कि निशा के आने वाले हर अभियान का खर्च मैं स्वयं उठाऊंगा। यह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस होनहार बेटी के सपनों को पंख दें।
सम्मान पाकर भावुक हुई निशा ने कहा-
मैंने हमेशा सपने देखे कि एक दिन दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराऊंगी। मेरा यह सफर आसान नहीं था, लेकिन पापा के संघर्ष और समाज के सहयोग ने मुझे हमेशा आगे बढ़ाया। अब मेलाराम साहू जी जैसे सहयोगियों का हाथ मेरे साथ है, तो मेरा हौसला और भी बुलंद हुआ है। मेरा अगला सपना यूनम पीक की ऊंचाई पर भारत का तिरंगा लहराना है।
जिले नहीं बल्कि प्रदेश की गौरव है निशा
निशा की उपलब्धियों पर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में गर्व की लहर है। एक ऑटोचालक की बेटी ने जिन ऊंचाइयों को छुआ है, वह हर युवती और युवाओं के लिए प्रेरणा है। मेलाराम साहू के इस संकल्प ने यह संदेश भी दिया है कि यदि समाज साथ खड़ा हो जाए तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रह सकता।



