राशी स्टील एंड पावर पर गंभीर आरोपों की बौछार, कांग्रेस ने एसडीएम से की उच्चस्तरीय जांच की मांग
‘पर्यावरण, पानी और किसानों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’ — सुनील पटेल

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। पाराघाट क्षेत्र में संचालित राशी स्टील एंड पावर लिमिटेड की औद्योगिक गतिविधियों को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। जिला युवा कांग्रेस बिलासपुर (ग्रामीण) के कार्यकारी जिलाध्यक्ष सुनील पटेल के नेतृत्व में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मस्तूरी को ज्ञापन सौंपते हुए उद्योग पर पर्यावरण प्रदूषण, जलस्तर गिरावट, श्रमिक शोषण और किसानों की उपेक्षा जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि उद्योग द्वारा वैधानिक अनुमति एवं एनओसी की स्थिति स्पष्ट किए बिना बॉयलर का संचालन, लीलागर नदी के जल की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव, तथा भू-जल के अत्यधिक दोहन से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर लगातार गिर रहा है। इससे किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों के वेतन से पीएफ के नाम पर 24 प्रतिशत कटौती किए जाने के बावजूद राशि के नियमानुसार जमा न होने की आशंका भी जताई गई है। साथ ही कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत स्थानीय क्षेत्र में अपेक्षित विकास कार्य न किए जाने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान विस्थापित किसानों एवं परिवारों को आज तक स्थायी रोजगार नहीं दिया गया, जबकि केवल आश्वासन देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया। वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत बनी सडक़ों पर भारी वाहनों की आवाजाही से सडक़ें जर्जर हो चुकी हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कांग्रेस संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी बिंदुओं पर तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा संगठन प्रभावित ग्रामीणों, किसानों और कर्मचारियों के साथ आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। जिला युवा कांग्रेस बिलासपुर (ग्रामीण) के कार्यकारी जिलाध्यक्ष सुनील पटेल ने कहा कि यह सिर्फ एक उद्योग का मामला नहीं है, यह पर्यावरण, किसानों, श्रमिकों और ग्रामीण जीवन से जुड़ा सवाल है। यदि 10 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस संगठन जनहित में सडक़ से लेकर स्ष्ठरू कार्यालय तक आंदोलन करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी उद्योग प्रबंधन और प्रशासन की होगी।



