
नई दिल्ली। बजट 2026 को लेकर आम जनता की निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हुई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी को अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करेंगी। इस बीच अटकलें तेज हो गई हैं कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर कोई बड़ा ऐलान किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो देशभर में ईंधन की कीमतों में बड़ी राहत मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में देश में जीएसटी लागू होने के समय पेट्रोलियम उत्पादों को इसके दायरे से बाहर रखा गया था, हालांकि तब भी भविष्य में इन्हें शामिल करने की बात कही गई थी।
वर्तमान में पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार के टैक्स के साथ-साथ राज्य सरकारें भी वैट वसूलती हैं, जिसके कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। यदि पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में आते हैं, तो राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला वैट समाप्त हो जाएगा और देशभर में ईंधन के दाम लगभग एक समान हो सकते हैं। इससे दिल्ली, रायपुर सहित अन्य शहरों में कीमतों का अंतर कम होगा।
पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने से राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई को लेकर भी सरकार के स्तर पर चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि जीएसटी काउंसिल के माध्यम से राज्यों को मुआवजा देने का कोई तंत्र तैयार किया जा सकता है, ताकि राज्यों की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर न पड़े।



