छत्तीसगढ़

एनएसएस जीवन को दिशा देता है, व्यक्ति को समाज से जोड़ता है : डॉ. मनोज सिन्हा

एनएसएस युवा शक्ति का असली मंच’ — मंजूरपहरी पहुँचे डॉ. मनोज सिन्हा ने भरी नई ऊर्जा

वैदिक महाविद्यालय का सात दिवसीय एनएसएस कैंप मंजूरपहरी में जारी, विद्यार्थियों के परियोजना गतिविधियाँ और रात्रिकालीन प्रस्तुतियाँ बन रही जनजागरूकता का मजबूत माध्यम

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। वैदिक महाविद्यालय सीपत द्वारा वनांचल ग्राम मंजूरपहरी में 25 नवंबर से 1 दिसंबर तक आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विशेष शिविर में युवा स्वयंसेवक ऊर्जा, सेवा और जागरूकता की प्रेरक मिसाल पेश कर रहे हैं। विद्यार्थी दिन में विभिन्न परियोजना कार्य करते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं, वहीं रात में नाटक, गीत, समूह गायन और रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक संदेश दे रहे हैं।

बौद्धिक सत्र में डॉ. मनोज सिन्हा का भावपूर्ण व प्रेरक उद्बोधन

शुक्रवार को आयोजित बौद्धिक चर्चा में अटल विश्वविद्यालय के रासेयो कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
उन्होंने कहा कि एनएसएस व्यक्तित्व निर्माण की विश्वविद्यालय है। यह युवाओं को सेवा, नेतृत्व, अनुशासन और संवेदनशीलता की सीख देता है। रासेयो केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का जीवंत अभ्यास है। उन्होंने आगे कहा कि युवा समाज का दर्पण हैं, और समाज को सही दिशा दिखाने की क्षमता उन्हीं में होती है।एनएसएस संयम, संगठन, नैतिकता और भाईचारे का सशक्त मार्ग है। एसआईआर और मतदाता जागरूकता आज की महत्वपूर्ण ज़रूरत हैं; जागरूक युवा से ही जागरूक राष्ट्र बनता है। युगपुरुष स्वामी विवेकानंद रासेयो की प्रेरणा हैं—उन्होंने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, सेवा और चरित्र निर्माण की सबसे बड़ी सीख दी। श्री सिन्हा ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि एनएसएस का हर शिविर केवल 7 दिनों की गतिविधि नहीं, बल्कि आने वाले जीवन के लिए 70 वर्षों का अनुभव देकर जाता है। इसे दिल से अपनाएं, समाज खुद आपके कदमों के निशान पहचानेगा। इससे पूर्व वैदिक कॉलेज के रासेयो कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर साहू ने सिन्हा सर को फूलमाला एवं मोमेंटो भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अय्यूब खान स्कूल के रासेयो कार्यक्रम अधिकारी जी.आर. पुलस्त ने भी विद्यार्थियों की सक्रियता को सराहा और कहा कि मंजूरपहरी का यह शिविर गांव और कॉलेज दोनों के लिए प्रेरणादायी मॉडल बन रहा है। एनएसएस अधिकारी रामेश्वर साहू ने कहा कि ग्रामीण सहभागिता, जनजागरूकता गतिविधियाँ और विद्यार्थियों का समर्पण इस शिविर को सफल बना रहा है। यह कैंप केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव और युवाओं के बीच मजबूत कड़ी है। इस शिविर में ग्रामीणों ने भी भरपूर सहयोग दिया। आयोजन में सरपंच श्रीमती उषा मिलन दास मरावी, प्राथमिक शाला प्रभारी प्राचार्य पारकर सर, सहायक प्राध्यापक आकांक्षा भारती, रविशंकर यादव, जनप्रतिनिधि एवं पूरे मंजूरपहरी ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा। एनएसएस से सेवा, समाज और संवेदना , यही इस शिविर का मूल संदेश बनकर उभर रहा है।

Related Articles

Back to top button